SIP investment may reach 20,000 crores DP Singh

  • 1.70 करोड़ निवेशक कर रहे हर माह निवेश

अपने निवेशकों को बेहतर प्रतिफल प्रदान करते हुए एसबीआई म्युचुअल फंड (SBI Mutual Fund) 5.11 लाख करोड़ रुपए यानी 5.11 ट्रिलियन रुपए के प्रबंधन कोष (AUM) के साथ लगातार नंबर वन पोजीशन पर कायम है। स्टेट बैंक समूह (State Bank Group) के इस साझा कोष के निवेशक खातों (Investor Folio) की संख्या भी एक करोड़ के पार हो चुकी है। जबकि पूरे म्युचुअल फंड उद्योग (Mutual Fund Industry) का प्रबंधन कोष भी 4.5 करोड़ निवेशक खातों के साथ 33 ट्रिलियन रुपए की रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। इसमें विगत 10 वर्षों में 4 गुना वृद्धि हुई है। अन्य परंपरागत निवेश माध्यमों के मुकाबले अधिक रिटर्न मिलने के कारण म्युचुअल फंडों के प्रति निवेशक (Investors) तेजी से आकर्षित हो रहे है। इस संबंध में एसबीआई म्युचुअल के मुख्य व्यवसाय अधिकारी डी. पी. सिंह से वाणिज्य संपादक विष्णु भारद्वाज ने विस्तृत बातचीत की। पेश हैं चर्चा के मुख्य अंश:- 

म्युचुअल फंड निवेशकों में SIP लोकप्रिय होता जा रहा है। इसके क्या कारण हैं?

सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (Systematic investment plan) लोकप्रिय होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि इसमें निवेशकों को उनकी नियमित बचत पर न्यूनतम जोखिम के साथ अच्छा रिटर्न मिल रहा है और उनकी वेल्थ बन रही है। दूसरे, SIP रिटेल निवेशक के लिए एक ऐसा तरीका है। जिसमें वे 500 रुपए का छोटा निवेश भी कर सकते हैं। यह निवेश साप्ताहिक, मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना जैसे चाहे वैसे अपनी सुविधा के अनुसार कर सकते हैं। इसमें उन्हें बाजार की घट-बढ़ का भी फायदा मिलता है। इसलिए SIP के जरिए निवेश करने वाले निवेशकों की संख्या बढ़ती जा रही है। आज देश में कुल 3 करोड़ से अधिक म्युचुअल फंड निवेशकों में से करीब 1.70 करोड़ निवेशक हर माह 8800 करोड़ रुपए का निवेश कर रहे हैं। हमारा मानना है कि अगले दो साल में यह आंकड़ा 20,000 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। एसबीआई के कुल 65 लाख से अधिक निवेशकों में से करीब 45 लाख SIP के जरिए निवेश कर रहे हैं। 

शेयर बाजार में तेजी को देख पिछले कुछ महीनों में एक करोड़ से अधिक निवेशक बाजार में आए हैं। इन नए निवेशकों के लिए आपका क्या संदेश है?

कोरोना संकट के कारण वर्क फ्रॉम होम का प्रचलन बढ़ा। जिसकी वजह से लोग यह सोच कर निवेश कर रहे हैं कि इस बाजार में कुछ अतिरिक्त कमाई की जा सकती है, नए निवेशकों ने बाजार की तेजी को देख कर यहां कदम रखा है, तेजी में कमाई आसानी से हो भी जाती है। परंतु निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि इस बाजार में जोखिम भी बहुत है। क्योंकि निवेश करना भी एक बिजनेस की तरह है। बिना रिसर्च के किए निवेश पर कभी भी हाथ जल सकते हैं। एसबीआई म्युचुअल के पास 60 से अधिक विश्लेषकों की टीम है, जो किसी भी कंपनी या सेक्टर में निवेश करने के पहले गहन शोध करती है। इसलिए नए रिटेल निवेशकों के लिए बाजार में सीधे निवेश करने की बजाय म्युचुअल फंडों के जरिए निवेश करने में जोखिम कम और रिटर्न बेहतर मिलने की संभावना होती है।

सेवानिवृत्त जीवन आराम से गुजारने में रिटायरमेंट पोर्टफोलियो किस तरह मददगार होता है?

रिटायरमेंट पोर्टफोलियो एक दीर्घकालिक योजना है। एसबीआई रिटायरमेंट बेनिफिट फंड सेवानिवृत्त जीवन आराम से गुजारने में मदद करता है जिसमें प्रत्येक निवेशक की उम्र और जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर भविष्य की जरूरतों को पूरा करने का लक्ष्य रखा जाता है। अपनी रिटायर्ड लाइफ को चिंता मुक्त बनाने के लिए निवेशक अपने समग्र निवेश पोर्टफोलियो में ऐसा फंड जोड़ सकते हैं।

फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान क्या हैं और FD के मुकाबले यह कैसे बेहतर है?

फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान एक क्लोज-एंडेड डेब्ट फंड हैं, जो प्रचलित प्रतिफल पर एक निश्चित अवधि के लॉक-इन के साथ निवेश करने की पेशकश करते हैं। निकट भविष्य में फिक्स्ड डिपॉजित (FD) ब्याज दरों के निचले स्तरों रहने की संभावना को देखते हुए निवेशक मौजूदा बाजार प्रतिफल पर फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान में निवेश करने का विचार कर सकते हैं। ये फंड मुद्रास्फीति-समायोजित प्रतिफल प्रदान करते हैं जो कि FD की तुलना में बेहतर होते हैं। तीन साल से अधिक की अवधि के लिए फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान में किया गया निवेश इंडेक्सेशन लाभ प्रदान करता है। जिससे निवेशकों पर टैक्स का भार कम हो जाता है।

मौजूदा बाजार परिदृश्य में SBI म्युचुअल की निवेश रणनीति क्या है?

हमारे पास निवेश की कोई एक रणनीति नहीं है, यह विभिन्न योजनाओं के लिए अलग-अलग होती है। प्रत्येक योजना यानी फंड का प्रबंधन उसके निवेश उद्देश्य और निवेश रणनीति के आधार पर किया जाता है। आम तौर पर हम बाजार की अल्पावधि वाली स्थितियों पर ध्यान देने से बचते हैं। हमारी निवेश रणनीति, किसी भी बाजार परिदृश्य में, योजना के निवेश उद्देश्य पर आधारित होती है। हमारा उद्देश्य निवेशकों को उनके वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करना और लंबी अवधि के लिए धन सृजन यानी वेल्थ क्रिएशन में उनकी सहायता करना है।

अन्य फंड हाउस की तुलना में SBI म्युचुअल कैसे अलग है?

एसबीआई म्युचुअल में हम निवेशकों को केवल उत्पादों की पेशकश नहीं करते बल्कि हम उनकी वित्तीय यात्रा में हर कदम पर साथ रहते हुए उनकी आवश्यकताओं के अनुकूल वित्तीय समाधान और बेहतर रिटर्न प्रदान करने का प्रयास करते हैं। हमने एनवायरमेंटल, सोशल और कॉरपोरेट गवर्नेंस (ESG) के सिद्धांतों का पालन करने के लिए निर्णय लिया और देश का पहला ईएसजी फंड लॉन्च किया। इसके अलावा हमने अब तक जो आंतरिक प्रक्रियाएं और प्रोटोकॉल विकसित कर रखे हैं, उन्होंने हमें कठिन समय के दौरान अच्छी स्थिति में रखा है। पिछले एक साल की चुनौतियों के बावजूद एसबीआई ने अच्छा प्रदर्शन किया है।