Vijay Kedia

  • निवेश गुरु विजय केडिया से विशेष बातचीत

मुंबई. निवेश फर्म केडिया सिक्युरिटीज लिमिटेड के अध्यक्ष विजय केडिया (Vijay Kedia) किसी परिचय के मोहताज नहीं है। वे भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के एक सबसे सफल निवेशक और निवेश गुरु माने जाते हैं। हालांकि उन्होंने 3 दशक पूर्व जब शेयर बाजार में कदम रखा था तो शुरूआती वर्षों में लॉन्ग टर्म निवेश की बजाय केवल शेयर ट्रेडिंग (Share Trading) पर ही ध्यान दिया, लेकिन बाद में उन्होंने ट्रेडिंग छोड़ रिसर्च आधारित निवेश की रणनीति अपनाई और अच्छी-खासी वेल्थ बनाकर आज वे युवा निवेशकों (Young Investors) के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं।

हंसमुख, मिलनसार और ऊर्जावान विजय केडिया के आज टि्वटर (Twitter) पर 4 लाख से अधिक निवेशक फॉलोअर्स हैं और वे IIM, लंदन बिजनेस स्कूल जैसे अग्रणी बिजनेस स्कूलों में विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन भी करते रहते हैं। देश के छोटे यंग इन्वेस्टर्स से उन्हें काफी लगाव है और वे चाहते है कि आज के युवा पूरी तरह रिसर्च करने के बाद सही तरीके से अच्छी कंपनियों में निवेश कर लॉन्ग टर्म में बड़ी कमाई करें यानी वेल्थ क्रिएट (Wealth Creation) करें। ना कि सिर्फ ‘टिप’ के चक्कर में पड़कर अपनी पूंजी और समय की बर्बादी करें। इस संबंध में निवेश गुरु विजय केडिया से वाणिज्य संपादक विष्णु भारद्वाज ने विस्तृत चर्चा की। पेश हैं, उसके मुख्य अंश:-

आपके हिसाब से शेयर बाजार में सफलता का मूल मंत्र क्या है?

शेयर बाजार में यदि आपको अच्छी कमाई कर वेल्थ बनानी है तो ट्रेडिंग छोड़ लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट (Long Term Investment) का नजरिया रखना होगा और ‘शोध, हिम्मत और धैर्य’ यानी ‘रिसर्च, करेज एंड पेशेंस’ (Research, Courage & Patience) का मंत्र अपनाना होगा। यह शेयर बाजार में सफलता प्राप्त करने का सफल मंत्र (Success Mantra) है। यानी रिसर्च कर अच्छी कंपनियों का चयन करो, फिर हिम्मत कर उनके ज्यादा मात्रा में शेयर खरीदों और फिर कई वर्षो वर्ष तक धैर्य रखो। तभी आप अपने निवेश पर कई गुना कमाई कर सकते हैं और अच्छी वेल्थ बना सकते हैं। बार-बार खरीद-बेच (‍Buy-Sell) यानी ट्रेडिंग करके वेल्थ कभी नहीं बन सकती हैं, यह बात हर निवेशक को ध्यान में रखनी चाहिए।

छोटे निवेशक बाजार में अक्सर नुकसान उठाते हैं, ऐसा क्यों?

आज की युवा पीढ़ी शेयर बाजार को पैसे बनाने की मशीन समझती है और उसी चक्कर में ज्यादात्तर नए निवेशक ‘टिप’ (Tips) के भरोसे बिना सोचे-समझे किसी भी कंपनी में निवेश कर नुकसान उठाते हैं। मेरा मानना है कि इस बाजार में 90 प्रतिशत से ज्यादा निवेशक इसलिए घाटा उठाते हैं कि वे जल्दी से जल्दी लाखों-करोड़ों रुपया कमाने चाहते हैं। जबकि ऐसा संभव नहीं है। यह ज्यादात्तर निवेशकों के नुकसान में आने का मुख्य कारण है। शेयर बाजार में निवेश करना भी एक बिजनेस (Business) है। जिस तरह एक बिजनेसमैन कोई कारोबार शुरू करने के पहले उसका पूरा रिसर्च करता है कि व्यवसाय में सफलता की कितनी संभावनाएं हैं। नफा-नुकसान का आकलन करता है। यानी सभी पहलुओं का गहराई से अध्ययन करने के बाद ही उस कारोबार में निवेश करता है और तभी वह सफलता प्राप्त करता है।

बाजार में अच्छी कमाई के लिए कौनसी नीति श्रेष्ठ है?

यदि शेयर बाजार में आपको सफलता प्राप्त करनी है तो पहले एक बिजनेसमैन की तरह उन कंपनियों का कई महीनों-वर्षों तक ‘रिसर्च’ कर पूरी नॉलेज (Knowledge) प्राप्त करो। उन पर लगातार नजर रखो। उनके प्रमोटरों (Company Promoters) का पूरा ट्रैक रिकॉर्ड (Track Record) देखो। उनका ‘दिल’ और ‘नीयत’ कितना साफ है। उनका विजन लॉन्ग टर्म है या नहीं। ज्यादा ‘बोल-बच्चन’ वाला प्रमोटर तो नहीं है। प्रैक्टिकल बातें करने वाले हों। अपने निवेशक को लाभांश (Dividend), बोनस (Bonus) या बाय बैक (Buy Back) के रूप में कुछ देने की नीयत रखते हों। कंपनी पर ज्यादा कर्ज (Heavy Debt) तो नहीं है। प्रमोटर हिस्सेदारी (Equity) कितनी है, शेयर गिरवी (Pledge) तो नहीं रखे हैं। इस तरह जब आप पूर्ण रूप से संतुष्ट हो जाओ तो फिर ‘हिम्मत’ कर उस कंपनी में बड़ी मात्रा में निवेश करो और वर्षो वर्ष तक पूरा धैर्य रखो। भले ही बाजार में भारी उतार-चढ़ाव आता रहे। क्योंकि यदि कंपनी ग्रोथ (Growth) कर रही है और उसका भविष्य उज्जवल है तो फिर आप ‘धैर्य’ रखो। मंदी से घबराओ नहीं। बाजार में फिर तेजी आने पर उसका शेयर ग्रोथ के साथ अवश्य कई गुना बढ़ेगा। तब आप उसमें प्रॉफिट (Profit) बुक करो। तभी आप अच्छी कमाई कर पाने और वेल्थ बनाने में सफल होंगे।

आपने ट्रेडिंग छोड़ निवेश रणनीति क्यों बदली?

तीन दशक पूर्व जब मैंने शेयर बाजार में कदम रखा था, तो कई साल तक मैं भी ट्रेडिंग ही करता रहा, लेकिन ट्रेडिंग में कमाई कम और संघर्ष व तनाव अधिक झेलना पड़ा। करीब 10 साल तक ट्रेडिंग करने के बाद मुश्किल से 35 हजार रुपए की कमाई हो पाई। इसलिए मैंने ट्रेडिंग छोड़ लॉन्ग टर्म निवेश की नीति अपनाई। मैंने सर्वप्रथम निवेश के लिए तीन कंपनियों का चयन किया। ये कंपनियां थीं एजिस लॉजिस्टिक्स (Aegis Logistics), अतुल ऑटो (Atul Auto) और सेरा सैनिटरीवेयर (Cera Sanitaryware)। इनमें निवेश करने से पहले मैंने करीब 3-4 वर्ष तक हर पहलुओं से इनका रिसर्च किया और पूर्ण संतुष्ट होने के बाद वर्ष 2004-05 में निवेश शुरू किया और धीरे-धीरे इनमें निवेश बढ़ाता गया। वर्ष 2007 तक जोरदार तेजी में इन तीनों कंपनियों के शेयर भी 7 से 10 गुना हो गए, लेकिन 2008 की वैश्विक मंदी में इनके शेयर वापस घटकर मेरी लागत मूल्य से भी नीचे आ गए, परंतु मैंने पूरा धैर्य रखा। क्योंकि मुझे अपने रिसर्च के आधार पर इन कंपनियों के ब्राइट फ्यूचर और ग्रोथ पर पूरा भरोसा था। इसलिए मंदी का फायदा उठाते हुए इनमें और निवेश किया।

इन कंपनियों में कितना गुना लाभ कमाया?

बाजार में जब वापस तेजी का दौर चला तो 8-10 वर्षों में इन तीनों कंपनियों के भाव करीब 90 से 100 गुना बढ़ गए। तब मैंने वर्ष 2016-17 के दौरान इन शेयरों में प्रॉफिट बुक किया और जबरदस्त वेल्थ बनाई। मैंने अपने निवेश वाले तीनों शेयरों को कम से कम 10 साल तक रखा। वर्ष 2004 में मैंने अतुल ऑटो के शेयर 50 रु। में लिए थे। बोनस, स्पिल्ट, राइट और एवरेज करने के बाद शुद्ध लागत करीब 6 रु। आई, जिसे 13 साल बाद 600 रुपए के आस-पास बेचा। यानी करीब 100 गुना कमाई की। 2005 में सेरा सैनिटरीनवेयर 35 रुपए में खरीदे और आज इसका शेयर 4,000 रुपए है। इसमें आज भी मेरा निवेश हैं। यह है विकासशील कंपनी में लॉन्ग टर्म निवेश का ‘मैजिक’।