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    मुंबई. शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 179 अंक टूटकर बंद हुआ। वैश्विक शेयर बाजारों में नकारात्मक रुख का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अपेक्षा के विपरीत नीतिगत दर में समय से पहले और तेजी से वृद्धि के संकेत से निवेशक अचंभित हुए जिसका असर दुनिया भर के बाजारों पर पड़ा। कारोबारियों के अनुसार इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में 76 पैसे की बड़ी गिरावट से भी धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ा। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 178.65 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 52,323.33 अंक पर बंद हुआ।

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 76.15 अंक यानी 0.48 प्रतिशत गिरकर 15,691.40 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरों में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ सर्वाधिक नुकसान में इंडसइंड बैंक रहा। इसके अलावा डा. रेड्डीज, एनटीपीसी, मारुति, एक्सिस बैंक, बजाज ऑटो, भारती एयरटेल और एचडीएफसी भी नुकसान में रहे। दूसरी तरफ अल्ट्राटेक सीमेंट, टीसीएस, एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक समेत अन्य शेयर 1.86 प्रतिशत तक लाभ में रहे।

    रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक विकास जैन ने कहा, ‘‘फेडरल ओपेन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) के बयान से वैश्विक बाजार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और उसका असर घरेलू बाजार पर भी रहा। निवेशकों ने फेडरल रिजर्व के देश के आर्थिक वृद्धि अनुमान को बढ़ाने के साथ उम्मीद के विपरीत नीतिगत दर में समय से पहले वृद्धि की घोषणा पर गौर किया।”

    उन्होंने कहा, ‘‘फेडरल रिजर्व ने इस साल के लिये वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया है जबकि नीतिगत दर में 2024 के बजाए 2023 में वृद्धि का अनुमान जताया। साथ ही इस पर बातचीत शुरू की है कि 120 अरब डॉलर के बांड खरीद कार्यक्रम को कब तक वापस लिया जाए।”

    जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था तेजी से पटरी पर आ रही है और रोजगार बाजार में मजबूती से फेडरल रिजर्व बांड खरीद कार्यक्रम में नरमी ला सकता है।” उन्होंने कहा, ‘‘इससे बांड प्रतिफल तंग हो सकता है, जिसका असर इक्विटी संपत्ति के मूल्य पर पड़ेगा।”

    एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई और हांगकांग बढ़त में रहे जबकि सोल और तोक्यो में गिरावट रही। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी शुरूआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 76 पैसे लुढ़क कर 74.08 पर बंद हुआ। (एजेंसी)