Beginning of New Multi-Year Profit Cycle - Harsha Upadhyaya

  • 30% तक बढ़ेगी इस साल कार्पोरेट इंडिया की अर्निंग

मुंबई. वैक्सीनेशन बढ़ने के साथ चाइनीज वायरस कोरोना पर होते नियंत्रण से जहां भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) पटरी पर लौट रही है और कंपनियों का मुनाफा (Corporate Profit) बढ़ रहा है। वहीं उत्साहित देशी-विदेशी निवेशकों (Investors) के बढ़ते निवेश से शेयर बाजार (Stock Market) नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। लंबे अर्से बाद बाजार में इतनी बड़ी तेजी देखी जा रही है। इस रिकार्ड तेजी से हर कोई आश्चर्य में है। ऐसे में हर निवेशक के मन में यही सवाल है कि क्या यह तेजी लंबी चलेगी या करेक्शन आएगा?

इस संबंध में देश के पांचवे बड़े साझा कोष कोटक म्युचुअल फंड (Kotak Mutual Fund) के प्रेसिडेंट एवं चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) हर्षा उपाध्याय से वाणिज्य संपादक विष्णु भारद्वाज की विस्तृत चर्चा हुई। हर्षा उपाध्याय देश के एक सफल फंड मैनेजर माने जाते हैं, जिनकी प्रभावी निवेश रणनीति से कोटक महिन्द्रा म्युचुअल फंड की कई स्कीमों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लाखों निवेशकों को शानदार रिटर्न प्रदान किया है। पेश हैं चर्चा के मुख्य अंश:- 

बाजार में रिकार्ड तेजी के बाद अब हर निवेशक के मन में यही सवाल है कि क्या यह तेजी लंबी चलेगी या अब गिरावट आएगी?

ऐसा है कि शॉर्ट टर्म व्यू का किसी भी विश्लेषक के लिए सटीक अनुमान व्यक्त करना मुश्किल होता है। पिछले साल जब मार्च-अप्रैल में कोरोना महामारी का संकट आया तो किसी विश्लेषक ने तेजी का अनुमान नहीं व्यक्त किया था। परंतु जैसे ही हालात सुधरे, मार्केट में तेजी आने लगी। क्योंकि मार्केट हमेशा इकनॉमी और कार्पोरेट सेक्टर की स्थिति देखता है। फंडामेंटल देखता है। और अब देश की इकनॉमी मजबूत हो रही है और कार्पोरेट इंडिया का प्रॉफिट बढ़ रहा है। इसलिए लॉन्ग टर्म व्यू रखना चाहिए। क्योंकि तेजी का दौर घट-बढ़ के साथ चलते रहने की उम्मीद है। और जहां तक गिरावट की बात है, यह बाजार की नियमित प्रक्रिया है। तेजी के दौर में कई करेक्शन आते ही हैं और यह जरूरी भी है। हालांकि प्रमोटरों की शेयर बिक्री पर नजर रखने की जरूरत है।

इस साल देश की जीडीपी ग्रोथ और कार्पोरेट इंडिया की अर्निंग में कितनी वृद्धि की अपेक्षा है?

हमारा मानना है कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ (Atmanirbhar Bharat), पीएलआई स्कीम (PLI Scheme) और इंफ्रा विकास (Infrastructure Development) पर जोर जैसी सरकार की नीतियों से ग्रोथ तेज हो रही है और इस साल जीडीपी (GDP) में 8.5 से 9% की ग्रोथ आएगी। जबकि हमें कार्पोरेट इंडिया की अर्निंग करीब 30% तक बढ़ने की उम्मीद है। और जिस तरह वैक्सीनेशन तेजी से किया जा रहा है, उसे देखते हुए अगले साल नॉर्मल ग्रोथ आने के आसार बनेंगे। अगले साल कार्पोरेट अर्निंग 16 से 17% तक बढ़ने का अनुमान है। कुल मिलाकर हम एक नए मल्टी-ईयर प्रॉफिट सायकल की शुरुआत देख रहे हैं, जो मार्केट में लंबी तेजी का संकेत देता है। इसलिए निवेशकों के लिए लंबी अवधि के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए इक्विटी (Equity) में निवेश पर फोकस रखना उचित होगा।

कोटक मल्टीकैप फंड लॉन्च करने के पीछे आपका क्या उद्देश्य है और मल्टीकैप श्रेणी निवेशकों के लिए किस तरह काम करेगी?

इक्विटी मार्केट लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप का त्रिवेणी संगम है, जिसमें हर एक का अपना रिटर्न और रिस्क प्रोफाइल है। कोटक मल्टीकैप फंड (Kotak Multicap Fund) हमें ‘एक में सभी की शक्ति’ प्रदान करता है। अगर हम इतिहास देखें तो यह पता चलता है कि अलग-अलग समय पर अलग-अलग मार्केट कैप के रिटर्न (Return) अलग-अलग रहे है। ऐतिहासिक रुप से देखा गया है कि कुछ वर्षो के लिए लार्ज कैप (Large Cap) उच्चतम स्कोर करता है और कुछ अन्य में मिडकैप (Midcap) या स्मालकैप (Smallcap) चार्ट में सबसे ऊपर होते है। तीनों तरह के स्टॉक में निवेश करने पर जोखिम कम और बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। हमारा उद्देश्य है कि हम निवेशकों को लार्ज, मिड एंड स्मालकैप के ‘त्रिवेणी संगम’ का फायदा प्रदान करें। कोटक म्युचुअल फंड में हमने लम्बी अवधि मे सभी मार्केट कैप आधारित फंडों में अच्छा रिटर्न देकर न केवल एकमुश्त निवेश में बल्कि एसआईपी (SIP) के माध्यम से भी अपने निवेशकों की पूंजी में निरंतर वृद्धि की है। दिसबंर 2020 में हमने कोटक ईएसजी अपॉर्चुनिटीज फंड लॉन्च किया था। इस फंड में निवेशकों को अब तक 25% से ज्यादा रिटर्न मिला है।

वर्तमान बाजार हालात में रिटेल इन्वेस्टर के लिए आपकी क्या सलाह है?

रिटेल इन्वेस्टर के लिए हर माह एसआईपी के जरिए निरंतर अनुशासन के साथ नियमित निवेश सबसे श्रेष्ठ है। क्योंकि हमने देखा है कि इक्विटी म्युचुअल फंडों में एसआईपी के जरिए निवेश करने पर लॉन्ग टर्म में काफी अच्छे रिटर्न के साथ अच्छी वेल्थ क्रिएट होती है। और एसआईपी निवेश बाजार में नियमित रूप से आने वाले उतार-चढ़ाव को भी समायोजित कर जोखिम कर करता है। इसलिए हम रिटेल निवेशकों को इसी विकल्प का पालन करने की सलाह देते हैं। लंबे समय तक निवेशित रहिए और अधिकतम रिटर्न पाइए।