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Photo - Adani Group LTD

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    दिल्ली: टाटा मोटर्स (Tata Moters) की ग्रीन रेवोलुशन को टक्कर देने गौतम अडानी ग्रुप ने ग्रीन फ्यूल की तरफ कदम बढ़ा दिया है। हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक के लिए अडानी एंटरप्राइजेज ने अशोक लीलैंड और कनाडा की बेलार्ड पावर के साथ एक एग्रीमेंट किया है जिसमें हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक ट्रक बनाने का समझौता किया गया है। माइनिंग, लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर के लिए हाइड्रोजन फ्यूल इलेक्ट्रिक ट्रक( Hydrogen Fuel Truck) बनाए जाएंगे।

    200 किलोमीटर की होगी रेंज 

    तीनों कंपनियां मिलकर एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं और इसी साल 2023 में लांच करने की योजना है। अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने बुधवार को ही हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक ट्रक बनाने के लिए अशोक लीलैंड से समझौता किया है। भारत में बस बनाने वाली कंपनी अशोक लीलैंड व्हीकल प्लेटफार्म टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराएगी। गौतम अडानी की योजना साल 2023 में ही इस माइनिंग ट्रक को लॉन्च करने की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक हाइड्रोजन पावर्ड माइनिंग ट्रक का वजन 55 टन होगा, इसमें तीन हाइड्रोजन टैंक होंगे। 200 किलोमीटर की रेंज होगी जिससे बेलार्ड के 120 किलो वाट फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी से लैस किया जाएगा।

    हाइड्रोजन फ्यूल ही देश का भविष्य

    ADL ग्रुप ने कहाकि हाइड्रोजन को कमर्शियल फ्यूल के रूप में जोड़ने का उद्देश्य माइनिंग और लॉजिस्टिक सेक्टर के लिए देश में हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाना है। इसके साथ ही धीरे-धीरे इस ट्रेंड को दूसरे कारोबार के लिए भी शुरू करने में मदद मिलेगी। हाइड्रोजन इस्तेमाल करने वाली गाड़िया से प्रदूषण को कम करने में काफी मदद मिल सकती है। हालाँकि कुछ दिनों पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऑटो एक्सपो २०२३ में कहा था की हाइड्रोजन फ्यूल ही देश का भविष्य है और टोयोटा की कार MIRAI भी उनकी सबसे पसंदीदा कार थी जोकि हाइड्रोजन से चलती है।