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मुंबई: केंद्र सरकार ने कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इससे इस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में 18000 नौकरियों का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार 180 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। जबकि 9 कंपनियों और स्टार्टअप ने 340 करोड़ रुपए के इन्वेस्ट की तैयारी दिखाई है।

 180 करोड़ रुपये के EMC की स्थापना को मंजूरी

केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बेंगलुरु में 180 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) की स्थापना को मंजूरी देने की घोषणा की। EMC 2.0 योजना के तहत, कर्नाटक के धारवाड़ में कोटूर-बलूर औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित होने वाले क्लस्टर से 18 हजार से अधिक नौकरियां होने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर में जल्द ही 1,500 करोड़ रुपये से अधिक का इन्वेस्ट होने की संभावना है। स्टार्ट-अप सहित नौ कंपनियां पहले ही 2,500 लोगों के रोजगार की क्षमता के साथ 340 करोड़ रुपये के इन्वेस्ट का वादा कर चुकी हैं। नया इन्वेस्ट रोजगार पैदा कर रहा है। कर्नाटक एक वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स केंद्र के रूप में उभर रहा है। कोलार (विस्ट्रोन) और देवनहल्ली (फॉक्सकॉन) में एप्पल प्लांट सहित टेलीकॉम हब पहले से ही यहां स्थापित हैं। केंद्र सरकार ने कर्नाटक के मैसूर में एक परीक्षण सुविधा विकसित करने के लिए एक सामान्य सुविधा केंद्र (CFC) को पहले ही मंजूरी दे दी है।

तीन और स्थापित किए जाने हैं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर

इस योजना के तहत 1903 करोड़ रुपये के व्यय की उम्मीद है, जिसमें से 889 करोड़ रुपये केंद्र द्वारा स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, तीन अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 1,337 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किए जाएंगे। इसमें 20,910 करोड़ रुपए के इन्वेस्ट का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।