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    चेन्नई: केंद्र सरकार द्वारा ड्रोन और ड्रोन के कलपुर्जों के लिए हाल ही में घोषित उत्पादन से संबंधित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना से अगले तीन वर्षों के दौरान 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की उम्मीद है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के संयुक्त सचिव अंबर दुबे ने शनिवार को यह बात कही।  

    उन्होंने नयी ड्रोन नीति 2021 और ड्रोन तथा ड्रोन के कलपुर्जों के लिए पीएलआई योजना पर पत्रकारों को डिजिटल तरीके से जानकारी देते हुए कहा कि ड्रोन क्षेत्र में प्रस्तावित निवेश का अनुमान 10,000 करोड़ रुपये से अधिक था। लेकिन सही रूप से अगले तीन वर्षों में इस क्षेत्र में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की उम्मीद है। 

    दुबे ने कहा, ‘‘ड्रोन और ड्रोन के कलपुर्जों के विनिर्माण उद्योग में अगले तीन वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो सकता है। साथ ही उद्योग का वार्षिक बिक्री कारोबार वित्त वर्ष 2020-21 में 60 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 900 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।”

    उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विकास से ड्रोन निर्माण उद्योग में अगले तीन साल के दौरान 10,000 से अधिक रोजगार के मौके पैदा होने की उम्मीद है।