Credit limit of states increased_ 2020-21 states can raise debt equal to 5 percent of GDP

    मुंबई: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक शोध रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी जुलाई-सितंबर तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत रहने और पूरे वित्त वर्ष 2021-21 के दौरान इसके 9.3-9.6 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। 

    वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था 20.1 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। रिजर्व बैंक का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 9.5 प्रतिशत रह सकती है। इसके तीसरी तिमाही में 6.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। 

    एसबीआई की शोध रिपोर्ट इकोरैप के अनुसार, ‘‘एसबीआई के नाउकास्टिंग मॉडल के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही के लिए अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत है। पूरे वर्ष (वित्त वर्ष 2021-22) की जीडीपी वृद्धि के अनुमान को संशोधित कर अब 9.3-9.6 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले इसके 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। ”

    रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में अनुमानित 8.1 प्रतिशत की वृद्धि दर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है। रिपोर्ट में कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कई सुझाव दिए गए। इसमें कहा गया कि एक मूल्य गारंटी के रूप में एमएसपी, जिसकी मांग किसान कर रहे हैं, की जगह सरकार कम से कम पांच साल के लिए मात्रा की गारंटी दे सकती है। इकोरैप में राष्ट्रीय कृषि बाजार (इनाम) पर एमएसपी को नीलामी के निचले मूल्य में बदलने की संभावना तलाशने का भी सुझाव दिया गया।(एजेंसी)