मध्य प्रदेश राज्य सेवा परीक्षा में बैठे 73 % आवेदक

    इंदौर. मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) Madhya Pradesh Public Service Commission (MPPSC) के एक अधिकारी ने मंगलवार को शुरुआती अनुमान के हवाले से बताया कि दो दिन पहले आयोजित राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 में करीब 73 प्रतिशत आवेदक शामिल हुए। यह परीक्षा कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण काल के दौरान राज्य में ‘ऑफलाइन’ तरीके से आयोजित सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा है। हालांकि, रविवार को आयोजित होने से पहले महामारी के प्रकोप के कारण दो बार इसकी तारीख बदली गई थी।

    एमपीपीएससी के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी रवींद्र पंचभाई ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ हमारे शुरुआती अनुमान के मुताबिक राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 में लगभग 73 प्रतिशत आवेदक बैठे। हालांकि, राज्य भर के परीक्षा केंद्रों से उम्मीदवारों को लेकर मिले आंकड़ों की अंतिम गिनती अभी जारी है। ” उन्होंने बताया कि राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 में शामिल होने के लिए 3.44 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। पंचभाई ने बताया कि इन दिनों राज्य में वैश्विक महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप घटने के कारण संक्रमितों की तादाद बेहद कम रह गई है। एमपीपीएससी ने फिर भी एहतियाति तौर पर राज्य के 52 जिला मुख्यालयों में 64 विशेष केंद्र बनाए थे, जहां संक्रमित उम्मीदवार अलग बैठकर परीक्षा दे सकते थे। उन्होंने कहा, ‘‘ केवल कटनी में एक उम्मीदवार ने पर्यवेक्षकों को कोरोना वायरस से संक्रमित होने की जानकारी दी थी।

    इस उम्मीदवार की विशेष केंद्र में परीक्षा ली गई थी।” पंचभाई ने बताया कि राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए कुल 1,011 केंद्र बनाए गए थे, जिनमें संक्रमित उम्मीदवारों के लिए बनाए गए 64 विशेष केंद्र शामिल हैं। राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा वैश्विक महामारी से बचाव के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आयोजित की गई थी और परीक्षा केंद्रों में उम्मीदवार उचित दूरी पर बैठे थे। एमपीपीएससी अधिकारी ने बताया कि राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 शुरुआती कार्यक्रम के मुताबिक 11 अप्रैल को होनी थी। लेकिन वैश्विक महामारी के बढ़ते मामलों के चलते इसकी तिथि बदलकर 20 जून कर दी गई थी। बाद में इसकी तारीख फिर बदलते हुए 25 जुलाई (रविवार) कर दी गई थी।(एजेंसी)