Textile Market

    मुंबई:  चाइनीज वायरस कोविड का खतरा कम होने के साथ ही अन्य बाजारों के साथ मुंबई के थोक कपड़ा बाजार (Textile Market) में भी रौनक लौट आई है और शादी-ब्याह के सीजन के लिए जोरदार मांग आ रही है। यूपी, बिहार, पं. बंगाल, राजस्थान, दिल्ली सहित देश भर से मांग निकलने से पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल कपड़ों (Fabrics) की बिक्री में 50 से 60% का उछाल देखा जा रहा है। 

    हालांकि यार्न (Yarns) की कीमतों में रिकार्ड तेजी के कारण कपड़ा निर्माताओं और व्यापारियों का मार्जिन कम हो गया है। जहां यार्न कीमतों में 30 से 40% की तेजी आई है, वहीं अन्य रॉ मैटेरियल कीमतें बढ़ने से प्रोसेसिंग खर्च (Processing Charges) भी 20 से 25% बढ़ गया है। जबकि फैब्रिक्स के दाम 20 से 25% ही बढ़ पाए हैं। 

    व्यापारियों मे हुआ उत्साह का संचार

    व्यापारियों का कहना है कि कोरोना का डर कम होने से ग्राहकों और व्यापारियों मे उत्साह का संचार हुआ है। इस कारण बाजारों में दशहरा-दिवाली के त्योहारी सीजन से ग्राहकों की जो चहल-पहल शुरू हुई, वह बढ़ती जा रही है। इस वैवाहिक सीजन में खूब शादियां हो रही है। नवंबर-दिसंबर में ही देश भर में करीब 25 लाख शादियां होने का अनुमान है। इससे मुंबई के कपड़ा व्यापारियों को अच्छे ऑर्डर प्राप्त हो रहे हैं।

    दूर हो रहा वित्तीय संकट : केडिया

    भारत मर्चंट्स चेम्बर (Bharat Merchants Chamber) के ट्रस्टी श्रीप्रकाश केडिया ने कहा कि कॉटन (Cotton) और सिंथेटिक यार्न (Synthetic Yarns) काफी महंगा होने से कपड़ा व्यापारियों का मार्जिन अवश्य कम हुआ है क्योंकि कपड़े की कीमतें उस अनुपात में नहीं बढ़ी हैं, परंतु चौतरफा मांग निकलने से व्यापारियों का महीनों-वर्षों से रूका हुआ पेमेंट (Payment) आने लगा है। ग्राहकी बढ़ने से अन्य राज्यों के व्यापारी नए ऑर्डर के साथ ही पुराना भुगतान भी कर रहे हैं। मांग इतनी है कि पुरानी डिजाइन का माल भी बिक रहा है। इससे बाजार में वित्तीय संकट दूर हो रहा है।

    टेक्सटाइल मार्केट में रिकार्ड तेजी : संघवी

    फैब्रिक्स सप्लायर्स एसोसिएशन (Fabric Suppliers Association-FSA) के अध्यक्ष प्रकाश संघवी ने कहा कि टेक्सटाइल मार्केट में रिकार्ड तेजी है। मैंने विगत 45 वर्षों में कभी कपड़ों के दाम में इतनी बड़ी तेजी नहीं देखी। यार्न काफी महंगे होने के साथ ही अन्य खर्च बढ़ने से कपड़ों की निर्माण लागत बढ़ रही है। इस कारण आगे दाम और बढ़ेंगे। घरेलू मांग के साथ निर्यात (Export) मांग भी अच्छी है। गारमेंट व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए एफएसए ‘समर एंड वेडिंग कलेक्शन’ नाम से 22 से 24 नवंबर तक मुंबई के होटल ताज एयरपोर्ट में गारमेंट ट्रेड फेयर (Garment Trade Fair)  आयोजित कर रही है। जिसमें करीब 4,000 गारमेंट व्यवसायी आएंगे।

    40% तक महंगा हुआ यार्न, 20% ही बढ़े कपड़ों के दाम : खेतान

    कीर्ति पॉलिटेक्स प्रा. लिमिटेड (KIRTI POLYTEX) के अध्यक्ष पुरूषोत्तम खेतान ने कहा कि वैवाहिक सीजन की मांग अच्छी है, लेकिन यार्न के दाम और अन्य खर्च बढ़ने से पावरलूम (Powerloom) उद्यमियों की परेशानी बढ़ गयी है। काफी कम मार्जिन में व्यवसाय करना पड़ रहा है। कॉटन में विश्व स्तर पर आई भारी तेजी से कॉटर्न यार्न 40% तक महंगा हो गया है। इसके असर से सिंथेटिक यार्न भी 30% तक महंगा हो चुका है। साथ ही कास्टिक सोडा और कलर-डाइज भी महंगे होने से प्रोसेसिंग लागत 20 से 25% तक बढ़ गयी है। जबकि फैब्रिक्स के दाम में केवल 20 से 25% की ही बढ़ोतरी हुई है।