बर्थडे स्पेशल : जब भिखारी समझकर रजनीकांत को मिले थे 10 रूपये

मुंबई, साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत आज अपना 69 वां जन्मदिन मना रहे है. रजनीकांत का असली नाम शिवाजी राव गायकवाड है और उनका जन्म बंगलुरु में हुआ है. रजनीकांत बचपन से ही फिल्म अभिनेता बनना चाहते थे.

मुंबई, साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत आज अपना 69 वां जन्मदिन मना रहे है. रजनीकांत का असली नाम शिवाजी राव गायकवाड है और उनका जन्म बंगलुरु में हुआ है. रजनीकांत बचपन से ही फिल्म अभिनेता बनना चाहते थे. उन्होंने बतौर बस कंडक्टर अपने करियर की शुरुआत की. उसके बाद उन्होंने फिल्मो में एंट्री की. लेकिन टॉलीवूड से लेकर बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. आज रजनीकांत को साउथ का ‘थलाइवा’ के नाम से पहचाना जाता है.

रजनीकांत जहा भी जाते है वहा अपनी एक अलग छाप छोड़ जाते है. क्या टॉलीवूड और क्या बॉलीवुड. इन दोनों जगहों पर रजनीकांत ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता है. साथ ही उनके कई सेलेबस भी अच्छे दोस्त भी है. फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं बल्कि क्रिकेट, राजनीती में भी रजनीकांत के चाहने वाले है. उनका अभिनय, उनके डायलॉग लोगों के दिल और दिमाग में बस जाते है.

रजनीकांत से जुड़े ढेरों किस्से है. उनमे से ही एक किस्सा साल 2005 का है. इसी साल उनकी फिल्म ‘शिवाजी: द बॉस’ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही थी. इस फिल्म के सफल होने के बाद रजनीकांत एक मंदिर में गए थे . वे हमेशा से साधारण कपड़ों में मंदिर में जाते थे. मंदिर में माथा टेकने के बाद जब वो बाहर आकर बैठे तब उन्हें एक महिला ने भिखारी समजकर 10 रूपये दे दिए. रजनीकांत पहले थोड़ा चौक गए. बाद में उन्होंने उस महिला के तरफ देखर मुस्कराते हुए रूपये ले लिए. कुछ देर बाद रजनीकांत मंदिर से निकल कर अपनी गाड़ी में जाने लगे, उस वक्त महिला सब कुछ समज आ गया. वह महिला रजनीकांत के पास गई और माफ़ी मांगते हुए अपने रूपये वापस मांगने लगी. लेकिन रजनीकांत ने उस से कहा कि आपका मुझे 10 रूपये देना एक तरफ परमात्मा के आशीर्वाद की तरह है. परमात्मा ने मौसे एक बार फिर बता दिया की में आज भी एक साधारण व्यक्ति हूँ. यह कहकर उन्होंने वह 10 रूपये अपने पास ही रख लिए.

रजनीकांत के फ़िल्मी करियर को लेकर भी एक खास बात है. आप को बता दे कि रजनीकांत की ज्यादातर फिल्मों में उनकी मौत के सीन नहीं फिल्माए जाते. खबरों की माने तो डायरेक्‍टर्स को लगता है कि अगर उन्‍होंने रजनीकांत को मरते हुए दिखाया तो फिल्‍म फ्लॉप हो जाएगी. फिल्म फ्लॉप होने के डर से बहुत सी ऐसी फिल्में रहीं हैं, जिनमे रजनीकांत को मरते हुए नहीं दिखाया गया.

रजनीकांत ने अपने करियर की शुरुआत थियेटर से की. उन्होंने रंगमंच पर कुछ नाटकों में अभिनय किया. इसी दौरान तमिल फिल्मों के मशहूर निर्देशक के.बालचन्द्र एक नाटक में रजनीकांत के अभिनय से काफी प्रभावित हुए. 25 साल की उम्र में रजनीकांत ने फिल्मी दुनिया में कदम रखा. उनकी पहली फिल्म  ‘अपूर्वा रागांगल’ थी. हालांकि इस फिल्म में रजनीकांत लीड रोल में नहीं थे.  इस फिल्म में उन्होंने कमल हासन के साथ काम किया था. इसके बाद साल 1978 में रिलीज तमिल फ़िल्म ‘भैरवी’ में रजनीकांत को बतौर मुख्य अभिनेता काम करने का मौका मिला. उनकी पहली ही फिल्म सुपरहिट साबित हुई. इसके बाद रजनीकांत के जिंदगी में बदलाव आया और उन्होंने एक के बाद एक कई सुपरहिट फिल्में दी. जैसे जैसे वक्त बढ़ने लगा रजनीकांत अपने करियर में आगे बढ़ने लगे और देखते ही देखते रजनीकांत साउथ इंडियन इंडस्ट्री के सुपरस्टार बन गए.साऊथ में अपनी जगह बनाने के बाद राजनीकांत ने बॉलीवुड में कदम रखा. रजनीकांत ने बॉलीवुड में फ़िल्म ‘अंधा कानून’ से डेब्यू किया. इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फिल्में दीं.