वर्षभर में जिले में वन्यप्राणियों की हमले में 23 की मृत्यु

  • शुरू वर्ष में भी मानव –वन्यजीव संघर्ष
  • सर्वाधिक हमले ब्रम्हपुरी व मध्यचांदा-विरूर, राजुरा क्षेत्र में

चंद्रपुर. चंद्रपुर जिले में बाघ, तेंदुआ की तादात अधिक होने से उनके लिए निवासक्षेत्र कम पडने लगा है. जिससे बाघ व तेंदुआ ने अपना मोर्चा गांव की ओर बढाने से बाघ व तेंदुआ के हमले बढ रहे है. जिसके कारण मानव वन्यजीव संघर्ष निर्माण हो रहा है. जनवरी से 4 दिसम्बर तक शुरू सत्र में जिले में हुए बाघ, तेंदुआ के हमले में 21 लोगों की मृत्यु हुई है. इसमे सर्वाधिक बाघ के हमले ब्रम्हपुरी व मध्यचांदा विरूर परिक्षेत्र में हुए है. 

चंद्रपुर जिले में ताडोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प में बाघ समेत तेंदुआ के लिए पोषक वातावरण होने से ताडोबा के संरक्षित जंगल के साथ असंरक्षित जंगल में बाघ व तेंदुआ प्राणीयों की संख्या काफी है. इन वन्यजीवों को निवास क्षेत्र कम पडने से यह वन्य प्राणी गांव की ओर बढ रहे है. गांव के झाडीयों के पास अधिक्तर वन्यजीवों का अस्तित्व पाया जा रहा है. इसके कारण वन्यप्राणीयों के हमले में वृध्दी हुई है.  

जनवरी 2020 में नववर्ष का स्वागत करने के पश्चात 4 जनवरी 2020 को पहला बाघ का हमला मध्यचांदा के विरूर परिक्षेत्र में हुआ. जिसमें 1 व्यक्ति की मृत्यु हो गई. तत्पश्चात 24 जनवरी को ब्रम्हपुरी परिक्षेत्र में बाघ ने एक महीला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतारा. चंद्रपुर सावली परिक्षेत्र में मोरवाही में 14 फरवरी को बाघ के हमले में महीला की मृत्यु हुई. उसके पश्चात मध्यचांदा के राजुरा परिक्षेत्र में बाघ ने आतंक मचाकर 6 मार्च को 1 व्यक्ति को मौत के घाट उतारा. शुरूवात के 2 महीनों में 3 लोगों की बाघ ने जान ली. वर्ष की शुरूवात बाघ के हमले से हुई. 

कोरोना संक्रमण में वन्यप्राणीयों के हमले जारी थे. चंद्रपुर–चिचपल्ली क्षेत्र में  11 अप्रैल को चिचाला में बाघ ने 1 व्यक्ति को मौत के घाट उतारा. ब्रम्हपुरी-नागभीड क्षेत्र में सोनुर्ली में 4 जुलाई को बाघ ने व्यक्ति का शिकार किया. बालापुर-तलोधी क्षेत्र के आवोडा में 18 जुलाई को बाघ के हमले में व्यक्ति पर हमला किया जिसमें  उसकी मृत्यु हुई. ब्रम्हपुरी परिक्षेत्र के दौरान बाघ के आतंक चल रहा था. तहसील के परसोडी में 8 अगस्त को बाघ ने 1 व्यक्ति की जान ली. तत्पश्चात पुन: मध्यचांदा विरूर परिक्षेत्र में बाघ ने केलझर में 18 अगस्त को 1 किसान की जान ली. मध्यचांदा परिक्षेत्र के धानोरा में बाघ ने 1 व्यक्ति पर हमला कर उसका शिकार किया. 

चंद्रपुर वनपरिक्षेत्र में 26 अगस्त को उर्जानगर में शाम के समय में आंगण में खेल रही एक बालिका पर तेंदुआ ने हमला किया. जिसमें बालिका की मृत्यु हुई. तत्पश्चात चंद्रपुर सावली वनपरिक्षेत्र में तेंदुआ ने 1 व्यक्ति पर हमला किया जिसमें उसकी मृत्यु हो गई. मध्यचांदा विरूर क्षेत्र के नवेगांव में बाघ के हमले में किसान की मृत्यु हो गई. ब्रम्हपुरी वनपरिक्षेत्र में वांद्रा में 1 अक्टुबर को तेंदुआ के हमले में लडके की मृत्यु हो गई. उसके बाद मध्यचांदा राजुरा क्षेत्र में नरभक्षी बाघ ने खांबाडा परिसर में हमला किया. 14 अक्टुबर को ब्रम्हपुरी वनपरिक्षेत्र के हलदा गांव में बाघ के हमले में 1 व्यक्ति की मृत्यु हो गई. उसके बाद 2 दिसम्बर को मध्यचांदा पोंभूर्णा वनपरिक्षेत्र में बाघ के हमले में 1 व्यक्ति की मृत्यु हो गई. उसके दुसरे दिन 3 दिसम्बर को ब्रम्हपुरी परिक्षेत्र में खरकाटे में बाघ के हमले में महीला की मृत्यु हो गई.  

जंगली सुअर के हमल में 2 की मृत्यु 

वाघ व तेंदुआ के हमले के साथ-साथ जंगली सुअर के हमले में 2 लोगों की जान गयी है. मध्यचांदा वनपरिक्षेत्र में करंजी परिसर में 7 मार्च को जंगली सुअर ने 1 व्यक्ति पर हमला किया जिसमें उसकी मृत्यु हो गई. तो दुसरा हमला बेंबाल परिसर में 14 अक्टुर को 1 व्यक्ति की मृत्यु हुई.

ब्रम्हपुरी व मध्यचांदा-विरूर वनपरिक्षेत्र में बाघ का आंतक 

शुरू वर्ष में वाघ के सर्वाधिक हमले ब्रम्हपुरी व मध्यचांदा-विरूर वनपरिक्षेत्र मे हुए है. ब्रम्हपुरी क्षेत्र में कुल 8, मध्यचांदा क्षेत्र में 5 हमले हुए है. ताडोबा के कोअर जोन में 1, बफर जोन में 2 व्यक्तिओं पर हमले किए है. तो 1 हमला एफडीसीएम में हुआ है. 

तेंदुआ के हमले में 4 की मृत्यु 

चंद्रपुर जिले में तेंदुआ ने हमला करने से 4 लोगों की मृत्यु हुई है. उर्जानगर, कापसी, बांद्रा व खरकाटे में तेंदुआ ने हमला करने से 4 की मृत्यु हुई है. मृतक में 1 बालिका का समावेश है. 

मध्यचांदा-विरूर व राजुरा वनपरिक्षेत्र में बाघ ने मार्च महीने से आतंक मचाया है. वाघ ने परिसर में करिबन 8 लोगों की जान लेने से परिसर में कई आंदोलन किए गए. तणाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी. नरभक्षी वाघ को गोली मारने के लिए रास्ता रोको आंदोलन किया था. आखिरकार वनविभाग ने इस बाघ को पिंजरे में बंद करने में सफलता हासील की.