257 बच्चों ने एक, तो 7 बच्चों ने खोए दोनों पालक, कोरोना से हुए  अनाथ बच्चों के संरक्षण के संदर्भ में कलेक्टर ने की समीक्षा

    चंद्रपुर. कोविड के कारण अभिभावक खो चुके बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण करने के लिए बाल न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 अनुसार सभी सुविधा उपलब्ध करके देने के संदर्भ में जिलाधिकारी अजय गुल्हाने ने समीक्षा की. जिले में कोरोना संक्रमण के कारण 257 बच्चों ने एक तथा 7 बच्चों ने अपने दोनों पालकों को खो दिया है. उन्हें उचित संरक्षण देने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं.

    योजना का लाभ देते समय न आए परेशानी

    जिलाधिकारी गुल्हाने ने कहा कि अभिभावक खो चुके सभी बच्चों की स्वतंत्र फाइल तैयार करें, जिससे परिपूर्ण प्रस्ताव तैयार होकर शासकीय योजना का लाभ देते समय किसी तरह कोई परेशानी पेश नहीं आएगी. साथ ही प्रत्यक्ष भेंट के दौरान निरीक्षण में आई बातों, आर्थिक परिस्थिति, चर्चा से मिली जानकारी फाइल में दर्ज करें.

    संपत्ति के संदर्भ में ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत, जबकि शहरी क्षेत्र में संबंधित नगर परिषद को अधिकृत रूप से सूचित किया जाना आवश्यक है. दोनों अभिभावक खो चुके बच्चों की स्थावर एवं अन्य संपत्ति के संदर्भ में जिलास्तरीय कृति दल की बैठक में चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा.

    तुरंत शुरू करें प्रक्रिया

    अपर जिलाधिकारी वरखेड़कर ने कहा कि जिन 7 बच्चों के दोनों अभिभावकों की कोविड के कारण मृत्यु हुई, उनके बैंक के व्यवहार के संदर्भ में उक्त बैंकों तुरंत सूचित करें. साथ ही एक अभिभावक खो चुके परिवार को संजय गांधी निराधार योजना का लाभ देने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करें. कोविड के कारण जिले में 7 बच्चों ने दोनों अभिभावकों को खोया है. इनमें चंद्रपुर के 3 बच्चे, चिमूर के 3 और 1 बालक सावली का है. एक अभिभावक खो चुके बच्चों की संख्या 257 हैं.

    बाल कल्याण समिति के समक्ष 264 बच्चों की सूची आगे की कार्यवाही के लिए प्रस्तुत की गई है. इसमें वर्तमान स्थिति में संजय गांधी निराधार योजना के लिए मंजूर प्रकरणों की संख्या 32 होने की जानकारी बैठक में दी गई. बैठक में पुलिस उपअधीक्षक शेखर देशमुख, मनपा सहायक आयुक्त विद्या पाटिल, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष एड. वर्षा जामदार, महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी रमेश टेटे, जिला परिविक्षाधिकारी दडमल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी अजय साखरकर, अतिरिक्त जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिलिंद सोमकुंवर, स्थानीय अपराध शाखा के अर्पण मानकर प्रमुखता से उपस्थित थे.