3 ने की आत्महत्या, एक ही गांव के दो ने लगाई फांसी

वरोरा/भद्रावती. चंद्रपुर जिले के वरोरा तहसील के आष्टी गांव के दो लोगों ने एक ही दिन फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला का अंत कर लिया जबकि भद्रावती शहर के एक वृध्द ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला का अंत कर लिया. यह घटनाएं रविवार को उजागर हुई. लॉकडाऊन के दौरान जिले में आत्महत्याओं का सिलसिला काफी बढ गया है.

वरोरा तहसील के आष्टी के पुरानी एवं नई बस्ती के दो विवाहित व्यक्तियों ने एक ही दिन फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला का अंत कर लिया.

आष्टी के अंकुश हरी गायकवाड 52 ने 20 जून की रात 10 बजे के बीच अकेलेपन से त्रस्त होकर आत्महत्या कर ली. मृतक की पत्नी दोनों आंखों से नेत्रहीन है. जो पिछले दस वर्ष से अपने मायके में रहती है पत्नी के बाद मृतक ने अपनी तीन पुत्रियों का विवाह कराया. और अकेला रहता था. इलेक्ट्रिशियन का काम जीवन यापन कर रहा था.अकेलेपन से त्रस्त होकर उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ती गई और उसने फांसी लगाकर अपने जीवन का अंत कर लिया.

इसी गांव में घटित दूसरी घटना में सोमेश्वर महादेव पोले 35 नामक युवक कैन्सर बीमारी से त्रस्त था उसके उपचार के लिए उसके पिता ने तीन लाख रूपये खर्च कर दिए. बीमारी ठीक नहीं होने से पिता की पूरी जमा पूंजी खत्म होने से वह काफी व्यथित था और उसने शनिवार की शाम 5 बजे के बीच अपने खेत में रस्सी से फांसी लगाकर जीवन का अंत कर लिया.

इस गांव में एक सप्ताह के भीतर यह तीसरी घटना है जिसमें किसी ने आत्महत्या की है. सप्ताह भर पूर्व साहूकार के तगादे से त्रस्त होकर आष्टी गांव के तुलसीराम बलकी ने फांसी लगाकर जीवन का अंत कर लिया था.

भद्रावती में वृध्द ने की आत्महत्या
इस दौरान भद्रावती शहर के पांडव वार्ड में वृध्द ने फांसी लाकर आत्महत्या की. इस मामले में भद्रावती पुलिस ने मर्ग दाखिल किया है. मृतक का नाम नीलकंठ गायकवाड 90  है जिसने घर के खिडकी के सलाखों से फंदा लगाकर जीवन का अंत कर लिया. पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है.