शिकायतकर्ता को थाने बुलाकर पीटने का आरोप

ब्रम्हपुरी. मामूली बात को लेकर दो पडोसियों ने विवाद के बाद थाने में एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी। किंतु इसमें से देवानंद गोन्नाडे  के घर  जाकर पुलिस ने तलाशी ली और फोन कर घर मालिक को बुलाया। उसे थाने ले जाकर बेरहमी से पीटने की शिकायत ब्रम्हपुरी एसडीपीओ से की है।

गांधीनगर निवासी देवानंद गोन्नाडे का गाडी रखने के कारण को लेकर 13 सितंबर को पडोसी अनिल उंदीरवाडे के साथ विवाद हुआ। अनिल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी उसी दिन देवानंद ने भी रिपोर्ट दी। रिपोर्ट के आधार पर चार-पांच पुलिस कर्मी दूसरे दिन पहुंचे और बिना पूछताछ के देवानंद के घर की तलाशी ली। पुलिस ने फोन कर देवानंद को घर बुलाया और पुलिस वैन में बैठाकर उसे थाने ले गये और उसे पीटा। पिटाई में देवानंद के दोनों हाथ, गर्दन, दोनों पैर के तलुवे और जांघ पर जोरदार चोटें आने की जानकारी ब्रम्हपुरी उपविभागीय पुलिस अधिकारी को दी लिखित रिपोर्ट में दी है। शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक और जिलाधीश को भी भेजी है। 

देवानंद के खिलाफ है अनेक केसेस-पीआई खाडे

इस संबंध में थानेदार बालासाहब खाडे से पूछे जाने कहा कि देवानंद शराब बेचता है उसके खिलाफ अनेक केसेस है। ऐसे आदमी के घर की तलाशी नहीं ली जाएगी? उसने पडोसी का घर तोड दिया, उच्च शिक्षारत उसके पुत्र को पीटा और खुले आम गुंडागर्दी की है। आरोपी के खिलाफ ब्रम्हपुरी थाने में वर्ष 2003 में धारा 279, 337, वर्ष 2008 में धारा 324, 294, 506, वर्ष 2015 धारा 66(1), 192 मोवाका, धारा 65 (ई) मुंबई शराबबंदी कानून, वर्ष 2016 में (65) ई मुंबई शराबबंदी कानून  और वर्ष 2017 में धारा 65 (ई) मुंबई शराबबंदी कानून के तहत मामला दर्ज है। घटना की रात 11.30 बजे देवानंद के घर के सामने कुछ लोगों का जमावडा लगा था। जो जोर जोर से बातें कर रहे थे कुछ देर बाद किसी ने एक पत्थर फेंका जो उसके घर के पाइप लाईन को लगा। किंतु पत्थर की आवाज आने से सिविल इंजीनियर के अंतिम वर्ष में शिक्षारत उंदीरवाडे का पुत्र बाहर निकलकर देखा कि कही उनके आटो को किसी ने पत्थर तो नहीं मारा। किंतु उसके बाहर निकलने पर देवानंद ने उसके साथ मारपीट की। इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज करायी जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। इस घटना से उंदीरवाडे परिवार काफी दहशत में है और पुलिस सुरक्षा की अपील की है।