कक्षा पहली में प्रवेश के लिए उम्र की शिथिलता दें

ब्रम्हपुरी. बच्चों को मुफ्त एवं सख्ती के शिक्षण का संवैधानिक अधिकार है, कोई भी शिक्षण से वंचित नहीं रहे इसका ध्यान सरकार ले रही है. कक्षा पहली के प्रवेश के लिए 5 वर्ष  पूर्ण होकर कुछ महीने हुए बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश नाकारा जा रहा है. अनेक विद्यार्थी शिक्षण से वंचित रहेंगे. शिक्षण विभाग ऐसे विद्यार्थियों का एक साल बर्बाद ना हो इसका ध्यान देकर सरकार ने कक्षा पहली में प्रवेश के लिए आयु में शिथिलता दे, विद्यार्थियों को प्रवेश दें ऐसी मांग निवेदन मुख्यमंत्री, स्कूली शिक्षामंत्री को उपविभागीय अधिकारी के मार्फत भेजा है.

सरकारी निर्णय अनुसार स्कूल प्रवेश के लिए बच्चों की अधिकतम आयु ३० सितंबर के आधार पर प्ले गुप, नर्सरी के लिए तीन वर्ष, जबकि कक्षा पहली में प्रवेश के लिए छह वर्ष पूर्ण ऐसा शासन निर्णय लिया गया था. परंतु बच्चों के अधिकतम आयु में शिथिलता लाये ऐसा निवेदन सरकार को प्राप्त होने से इस पर विचार कर 15 दिन की शिथिलता दी गई थी. बारंबार बदलते जा रहे निर्णय से अभिभावकों में संभ्रम निर्माण हो गया है.

चालू शैक्षणिक वर्ष में आज तक सरकार किसी तरह का इस संबंध में निर्णय नहीं होने से एवं संबंधित स्कूल छह वर्ष की शर्त लगाने से के.जी. पास हुए अनेक विद्यार्थी जिनकी आयु पांच वर्ष पूर्ण होकर 10 से 11 महीने हो चुके है उन्हें कक्षा पहली में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है. इसमें बच्चे को कक्षा पहली में प्रवेश मिलेगा या नहीं उनका एक साल बर्बाद तो नहीं होगा ऐसा डर अभिभावकों में है .सरकार द्वारा कक्षा पहली के प्रवेश के लिए आयु की शर्त शिथिल की जाए विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष बेकार नहीं हो, चालू सत्र में कक्षा पहली में प्रवेश के लिए पूर्व का 30 सितंबर यह मानवी दिनांक रद्द कर 30  दिसंबर ऐसा मानवी दिनका किया जाए इस मांग का निवेदन मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे, स्कूली शिक्षामंत्री वर्षा गायकवाड को भेजा गया है. निवेदन करने वालों में प्रशांत डांगे, जीवन बांगडे, इंजी. मिलींद मेश्राम, एड. नंदा फुले, विजय पाटिल आदि उपस्थित थे.