Agitators suffering from CTPS project not landed even after 30 hours

वर्षो से स्थायी नौकरी की आस लगाये बैठे चंद्रपुर ताप बिजली घर (सीटीपीएस) के प्रकल्प पीडित आज गुरुवार को 30 घंटे बाद भी नहीं उतरे थे।

किसी ने चढ़ने का प्रयास किया तो कूदने की चेतावनी

चंद्रपुर. वर्षो से स्थायी नौकरी की आस लगाये बैठे चंद्रपुर ताप बिजली घर (सीटीपीएस) के प्रकल्प पीडित आज गुरुवार को 30 घंटे बाद भी नहीं उतरे थे। 3 महिला समेत 8 आंदोलनकारी चिमनी में चढे है और उनकी मांग है कि उन्हे स्थायी नौकरी पर लिया जाये। यदि ठोस आश्वासन के बावजूद किसी ने चिमनी पर चढने का प्रयास किया तो उन्होंने नीचे कूदने की चेतावनी दी है।

लाकडाउन के पूर्व आंदोलनकारियों ने मेजर गेट के सामने आंदोलन किया था। उस समय पर उन्हे नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था। सीटीपीएस ने किसानों की अधिग्रहित जमीन के बदले में सैकडों लोगों को नौकरी दी। किंतु आज भी चंद्रपुर जिले के सैकडों लोगों को नौकरी नहीं मिली है। उन्हे ट्रेनी कामगार के रुप में काम दिया गया है। चंद्रपुर जिले के 600 लोग वर्षो से ट्रेनी के रुप में अपनी सेवा दे रहे है। किंतु आज तक स्थायी नहीं किया गया है। इसलिए आंदोलनकारियों ने स्थायी करने की मांग के लिए अनेकों बार धरना आंदोलन कर ऊर्जामंत्री समेत अनेकों को निवेदन भेजा था।

वर्ष 2010 के पश्चात सीटीपीएस ने प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से स्थायी कामगारों को लेना शुरु किया। किंतु प्रकल्प पीडितों का तर्क है कि हम लोग किसान पुत्र है भूमि अधिग्रहण के समय पर इस प्रकार की कोई शर्त नहीं रखी गई थी। किंतु अब उन्हे प्रतियोगिता परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त रखी जा रही है। उनका कहना है कि हमारी प्रैक्टीकल परीक्षा ली जाये किंतु लिखित परीक्षा न ले।

क्षेत्रीय विधायक किशोर जोरगेवार आज पुन: आंदोलनकारियों से बातचीत करने पहुंचे। किंतु कोई हल नहीं निकला। आज दूसरे दिन 30 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाजवूद आंदोलनकारी चिमनी पर ही चढे है।