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    • वरोरा के किसानों के लाखों की बचत

    वरोरा. लाकडाउन में गत वर्ष उर्वरक क्षमता वाले उच्च श्रेणी के बीज न मिलने से किसानों का उत्पादन कम मिला था. इसकी वजह से किसान आर्थिक संकट में फंस गया. अब सोयाबीन बीज के बढे दामों की वजह से किसान पुन: हलाकान है. ऐसे में कृषि विभाग ने खरीफ की बुआई के लिए घर के बीजों की उर्वरक क्षमता जांच मुहिम शुरु की है. इससे किसानों को काफी राहत मिली है.

    सोयाबीन बीजों के बढे हुए दाम किसानों के जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे है. कृषि विभाग ने वरोरा तहसील के खांबाडा, टेमुर्डा परिसर में सोयाबीन ग्राम बीजोत्पादन कार्यक्रम चला रहा है. इस माध्यम से किसानों के घर के ही उच्च दर्जे के बीज तैयार हुए है. खरीफ के मौसम में सोबीयान के बीज कम पैमाने पर मिलने का अनुमान होने से तहसील कृषि अधिकारी वरोरा के अधिनस्त सभी कृषि सहायकों ने वरोरा तहसील में अभियान चलाकर शास्त्रीय पध्दति से खरीफ, रबी और ग्रीष्मकाल में किसानों से बेहतर श्रेणी के बीज उत्पादित कर उन्हे शास्त्रशुध्द पध्दति से भंडारण कर रखा है.

    खांबाडा, टेमुर्डा परिसर में शास्त्रशुध्द पध्दति से तैयार किए लगभग 800 क्विंटल बीज किसानों को बुआई के लिए उपलब्ध है. बीजों की उर्वरक क्षमता जांच मुहिम कृषि सहायक, कृषि पर्यवेक्षक, मंडल कृषि अधिकारी की सहायता से संपूर्ण परिसर में जोरों से शुरु है. कृषि विभाग के कर्मचारी गांव गांव भेंट देकर किसानों के घरों के बीजों की उर्वरक क्षमता जांच का प्रैक्टीकल कर दिखाया है.

    तहसील कृषि अधिकारी के अधिनस्त कृषि कर्मचारियों ने सोयाबीन बीजोत्पादन कार्यक्रम चलाया और किसानों के ही बेहतर बीज तैयार किए है इससे परिसर के किसानों ने कृषि विभाग के इस उपक्रम की सराहना करते हुए समाधान व्यक्त किया है.

    खरीफ के दौरान सोयाबीन बीजों की कमी की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग की टीम ने  शास्त्रीय शुध्द पध्दति से किसानों के बीजों की उर्वरक क्षमता की जांच कर 800 क्विंटल सोयाबीन के बीज तैयार किए है. इससे किसानों के लाखों रुपए की बचत होगी.- किशोर डोगरकर,मंडल कृषि अधिकारी, वरोरा