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    चंद्रपुर. इस वर्ष मौसम विभाग के अंदाज के अनुसार मानसून 1 जून से प्रारंभ होगा. चिचडोह बैरेज में जमा जलभंडार कम करने के लिए सभी 38 दरवाजे 1 जून 2021 को खोलने का नियोजित है. इसके चलते नदी के निचले क्षेत्र का जलस्तर बढने की संभावना है.

    विस्तारित जलस्तर के कारण जीवहानि या वित्त हानि ना हो इसलिए सभी नदी से सटे ग्रामों एवं ग्रामपंचायतों को सतर्क रहने, नदी किनारों पर जाने से बचने, नदी के किनारे खेती के काम करते हुए सावधानी बरतने, नदी में नहाने, मछलियां पकडने, नदी घाट से रेत निकालने, पशुपालक नदी में पशुओं को ले जाने से बचे, बैरेज परिसर के ग्रामीण एवं नदी किनारे के नागरिक सतर्कता बरते ऐसा आहवान लघु पाटबंधारे विभाग की ओर से किया गया है.

    कृषि के दृष्टि से अत्यंत महत्वाकांक्षी चिचडोह बैरेज प्रकल्प गडचिरोली जिले के वैनगंगा नदी पर स्थापित कियाग या है. यह प्रकल्प किसानों के लिए वरदान साबित हुआ है. इस प्रकल्प के कारण पेयजल की समस्या ही नहीं कृषि के सिंचाई की समस्या सुलझी है.

    गडचिरोली जिले के वैनगंगा नदी पर चामोर्शी तहसील मुख्यालय से उत्तर की ओर 5 किमी दूरी पर चिचडोह बैरेज निर्माणकार्य पूर्ण हुए है. उक्त बैरेज मार्कडा देवस्थान से वैनगंगा नदी पर बाजू से 4 किमी पर है. बैरेज की कुल लम्बाई 691 मीटर है. 15 मीटर लम्बा और 9 मीटर उंचाई वाला 38 लोहे के दरवाजे लगाये गए है. 12 अक्टूबर 2020 से सम्पूर्ण दरवाजे बंद रखे गए है.