शीतल से आमटे परिवार था नाराज

चंद्रपुर. आनंदवन स्थित महारोगी सेवा समिति की सीईओ डा.शीतल आमटे की मौत को लेकर पुलिस ने लगभग चुप्पी साध ली है. पुलिस फॉरन्सिक रिपोर्ट के नहीं मिल पाने का हवाला देकर कुछ भी बताने को तैयार नहीं है. डा. शीतल की मौत किस तरह हुई यह पुलिस की पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा यह तो तय है.  सूत्रों के अनुसार पुलिस इस मामले को आत्महत्या और हत्या दोनों ही एंगल से जांच करने में जुटी हुई है और इसलिए कुछ भी उजागर नहीं करना चाहती है.

इस हाईप्रोफोईल मामले को लेकर विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार डा. शीतल आमटे परिवार की लाड़ली बेटी होने के बावजूद कुछ महीनों पूर्व से उनके और आमटे परिवार के सदस्यों के बीच खटास निर्माण हो गई थी. आमटे परिवार डा. शीतल से काफी नाराज था और उन्हें लगभग अकेला छोड़ दिया गया था.

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार डा. शीतल महारोगी सेवा समिति के तहत आनंदवन का सम्पूर्ण कामकाज संभालती थी और उन्होने कुछ परियोजनाएं भी शुरू की थी. इस बीच कुछ महीनो से उनके कामकाज पर सवाल उठाते हुए महारोगी सेवा समिति के सदस्यों ने बैठक लेकर उन्हें पद छोड़ने का दबाव बनाया था. इस संबंध में एक प्रस्ताव लिया गया था जिसमें अधिकांश सदस्यों ने डा. शीतल के बजाय उनके भाई कौस्तुभ आमटे को जिम्मेदारी सौपने के पक्ष में अपने मत रखा था. इस घटना के बाद से डा. शीतल और उनके पति गौतम करजगी अकेले पड़ गए थे. इस बात को लेकर चर्चा चल रही है कि ऐसी क्या वजह थी जिससे पूरा आमटे परिवार डा. शीतल से इस कदर नाराज हो गया था.