CSTPS contract workers strike for bonus

    • अनेक व्यक्तियों और संस्थाओं का समर्थन

    चंद्रपुर: गोंडशासकों द्वारा 500 वर्ष पूर्व निर्मित ऐतिहासिक रामाला तालाब को बचाने के लिए इको प्रो के बंडू धोतरे के नेतृत्व में आज सोमवार से अन्नत्याग सत्याग्रह आंदोलन की शुरूआत की है.

    रामाला तालाब संवर्धन के विभिन्न विभागों से की गई मांगों को लेकर जिलाधिकारी के मार्फत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केन्द्रीय रेलवे मंत्री पियुष गोयल, संस्कृति मंत्री प्रल्हाद पटेल साथ ही मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे, पर्यावरणमंत्री आदित्य ठाकरे, नगर विकास मंत्री तथा संपर्क मंत्री एकनाथक शिंदे को निवेदन सौपा गया. इस समय उक्त निवेदन इको प्रो के नितीन बुरडकर, नितीन रामटेके, अब्दुल जावेद, धर्मेंद्र लुनावत ने निवासी उपजिलाधिकारी मनोहर गव्हाड को दिया.

    आज भूखहडताल के पहले दिन अनेक सामाजिक क्षेत्र के व्यक्तियों ने यहां पहुंचकर अपना समर्थन दिया. इसमें सेवानिवृत्त विभागीय वनाधिकारी अभय बडकेलवार, पर्यावरणवादी योगेश दुधपचारे, चंद्रपुर व्यापारी मंडल के अध्यक्ष रामजीवन सिंह परमार,  सचिव प्रभाकर मंत्री, किशोर जामदार, पांचदेऊल सचिव मुरलीधर झोडे, जंगल जरनी ग्रुप के चित्रा इंगोले, ऋतुजा मून, नेत्रकमल संस्था के नेत्रा इंगुलवार, प्रगति पडगेलवार, भद्रावती इको प्रो के किशोर खंडालकर, अमोल दौलतकर ने भेट दी.

    आज सुबह 10 बजे रामाला तालाब तट पर अनशन मंडप डाला गया है. तालाब परिसर में इको प्रो सदस्यों द्वारा जनजागृति की जा रही है. मांगों के संदर्भ में गूगल अर्थ इमेज के सहायता से समस्या और उपाय और कौन कौनसी मागें है इस बारे में बताया.

    मोटरसाइकिल निकालकर पत्रक का वितरण

    आंदोलन के पूर्वसंध्या पर इको प्रो की ओर से शहर में मोटरसाइकिल रैली निकाली गई. साथ ही रामाला तालाब परिसर में भानापेठ, गंजवार्ड, बगड खिडकी एवं अंचलेश्वर वार्ड परिसर घर में पत्रक वितरित किए गए.