गुरूद्वारों में होगी अरदास, सजेगा कीर्तन दरबार

  • गुरूनानक जयंती की जोरदार तैयारियां
  • शोभायात्रा के बजाय गुरूद्वारों में होगे कार्यक्रम

चंद्रपुर. सिखों के प्रथम धर्मगुरू श्री गुरूनानकदेवजी के 551 वें प्रकाश पर्व के मौके पर आज सोमवार 30 नवंबर को चंद्रपुर जिले के सभी गुरूद्वारों में अरदास होगी और कीर्तन दरबार के साथ लंगर का कार्यक्रम रखा गया है. इस समय पूरे जिले भर में श्री गुरूनानक देव जयंती की धूम है. सभी गुरूद्वारों को आकर्षक रोशनी एवं सजावटों से सजा गया है. हर गुरूद्वारे में अदभुत नजारा देखने को मिल रहा है. कोरोना महामारी के चलते पहली बार श्री गुरूनानक देव की जयंती पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन नहीं हो रहा है परंतु सिख समुदाय में उत्साह की किसी भी तरह की कमी नहीं है. सभी प्रकाश पर्व को लेकर काफी उत्साहित है.

उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन श्री गुरूनानक देवजी के प्रकाश पर्व पर सिख समुदाय द्वारा भव्य आयोजन किया जाता है. जिसमें नगर कीर्तन अर्थात विशाल शोभायात्रा आकर्षण का केन्द्र रहती है. चंद्रपुर शहर में सदियों से यह परंपरा चली आरही है कि हर वर्ष एक गुरूद्वारा आयोजन की जिम्मेदारी लेता है. पिछले वर्ष जिस गुरूद्वारे में आयोजन हुआ होता है वहां से शोभायात्रा निकलकर प्रमुख आयोजक गुरूद्वारे तक शोभायात्रा निकाली जाती है. जिसमें सिख समुदाय के महिला, पुरूष सभी शामिल होते है. पंचप्यारों के अगुवाई में शोभायात्रा शहर का भ्रमण करते हुए निकाली जाती है इसमें हैरतअंगेज युध्दकौशल का प्रात्याक्षिक रोंगटे खड़े कर देता है. परंतु इस बार कोरोना महामारी के चलते सभी धर्मों के सार्वजनिक आयोजनों पर सरकार की ओर से रोक लगी होने के कारण गुरूनानक जयंती पर भी इस वर्ष शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी परंतु सभी गुरूद्वारों में  अरदास और कीर्तन दरबार, लंगर आदि कार्यक्रमों का आयोजन होगा. अपने अपने स्तर पर गुरूद्वारा प्रबंधन समितियों ने आयोजन किया हुआ है.

चंद्रपुर शहर में प्रमुख गुरूद्वारों में गुरूसिंग सभा गुरूद्वारा महाकाली, गुरूद्वारा बाबपेठ, गुरूनानक दरबार तुकूम, गुरू तेगबहादूरजी गुरूद्वारा पडोली, बाबा दीपसिंहजी गुरूद्वारा म्हाडा कालोनी, गुरूद्वारा मठ साहिब गांधी चौक, गुरूद्वारा जौहरी समाज दादमहल वार्ड, सिंधी समाज गुरूद्वारा सिंधी कालोनी, दुर्गापर नेरी स्थित गुरूद्वारा, इंदिरनगर स्थित गुरूद्वारा आदि गुरूद्वारों का समावेश है.

गुरूनानक दरबार गुरूद्वारा समिति के सदस्य पूरनसिंह जुनेजा ने बताया कि इस वर्ष सभी गुरूद्वारों में प्रकाश पर्व बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है. प्रकाश पर्व पर सभी गुरूद्वारा पहुंचकर माथा टेककर अरदास करेंगे.इस पर्व को लेकर सभी काफी उत्साह और खुशी है. कोरोना काल में शुरू के छह महीने तक सभी गुरूद्वारों से भोजन के पॉकेट बनाकर गरीबों के घरों तक पहुंचाने का काम किया गया है जो कि अब भी बदस्तूर जारी है.

चरणजीत सिंह ने बताया कि इस बार 551 वां प्रकाश पर्व मनाया जारहा है. श्री गुरूनानक देवजी सिखपंथ के प्रथम गुरू है, सिख पंथ की स्थापना उन्होने ही रखी थी. वें कलयुग में आये थे. कलयुग की जितनी परेशानियां है उन्होने अपने ओजस्वी व्यक्तित्व से दूर की आज भी जो भी सच्चे दिल से अरदास करेंगा उसकी सारी परेशानियां दूर होगी.सभी चाहते है कि कोरोना का पूरी दुनिया से खात्मा हो जाए, सभी मिलकर कोरोना के खात्मे और विश्वशांति, बंधुत्व की प्रार्थनाएं करेंगे.

गुरूनानक जयंती पर्व को सफल बनाने में रणजीत सिंह सलूजा, चरणजीत सिंह वाधवा, चमकौर सिंह, सुरिंदर सिंह गिल, पूरनसिंह जुनेजा, बलबीर सिंग गुरम, रणजीत सिंह गोतरा, अमरिक सिंह विरदी, अवतार सिंह गोतरा, बलविंदर सिंह, जसबिर सिंह बोपाराय, हरविंदर सिंह धुन्नाजी, अजीत सिंह ढिल्लो, जसबिर सिंह सैनी, विक्रम सिंह मंकड, अवतार सिंज जुनेजा, बलदेवसिंह डल्लके, जगजार सिंग गिल, देवेंद्र सिंह, भोपेंद्र सिंह गुरम समेत सभी गुरूद्वारा प्रबंधन समितियों के पदाधिकारियों का समावेश है.