कोरोना भत्ता के नाम पर आशा वर्कर से धोखाधड़ी, पिंजरकर ने लगाया आरोप

    चंद्रपुर. कोरोना का प्रभाव कम होने के नाम पर कई कोरोना सेंटर सरकार व प्रशासन ने बंद कर दिए हैं. सेंटर में स्वयं के जान की बाजी लगाकर मरीजों को सेवा दे रहे 160 एएनएम को 10 जुलाई से काम से बंद करने का नोटिस दिया गया है. ऐसे में आशा वर्कर को कोरोना भत्ता नहीं मिल पाएगा.

    कोरोना भत्ता के नाम पर राज्य सरकार ने आशा वर्करों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप राजेश पिंजरकर ने आनंदभवन में आयेाजित आशा वर्कर की बैठक में लगाया. बैंठक की अध्यक्षता प्रा. रमेशचंद्र दहीवले ने की. नागपुर मनपा के आशा वर्कर संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र साठे तथा सचिव प्रीति मेश्राम, प्रमोद गोडघाटे, बंडू पहानपटे आदि उपस्थित थे.

    प्रस्तावना में बंडू पहानपटे ने कहा कि सरकार योजना कर्मचारियों के साथ गुलाम की तरह बर्ताव करती है. निर्वाह के लिए उचित वेतन भी नहीं दिया जा रहा. साठे ने सीटू के नेतृत्व में राज्य भर में दिए संघर्ष की जानकारी दी. प्रमोद गोड़घाटे तथा प्रा. दहीवले ने भी विचार व्यक्त किए. बैठक में संध्या खनके, प्रणिता लांडगे, गुजाबाई डोंगे आदि उपस्थित थे.