केंद्र शासन के विरोध में कांग्रेस का बैलबंडी आंदोलन

  • अन्यायकारी कृषी विधेयक त्वरित रद्द करे

पोंभुर्णा. किसान, किसान मजदुर, कामगारों के खिलाफ तानाशाही तरिके से मंजुर किए गए तीन कृषी व कामगार बील के विरोध में पोंभुर्णा तहसील कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रकाश देवतले, घनश्याम मुलचंदानी, कवडु कुंदावार, आतिक कुरेशी के नेतृत्व में भव्य बैलबंडी मोर्चा तहसील कार्यालय वर निकाला गया. तत्पश्चात तहसील के माध्यम से राष्ट्रपती को मांगो का निवेदन भेजा गया. 

किसानों को व्यापारी ने खेतमाल के पैसे नही देने पर पुलिस स्टेशन में शिकायत में दर्ज नही कर सकते. निशुल्क बिजली के प्रावधान को पुर्ण विराम, माल भंडारण पर जोर, किसान व कामगारों को न्यायालय में न्याय मांगने का अधिकारी नही, कृषी विषयक सभी अधिकार केंद्र सरकार के पास आरक्षित, यह बील कृषी उपज बाजार समिति, कर्मचारी, गोडाऊन का अस्तित्व खत्म करनेवाले यह तीन कानुन किसान व कामगारेां के लिए अन्यायकारक है. यह बील रद्द करने की मांग को लेकर पोंभुर्णा तहसील कांग्रेस कमेटी द्वारा किसान, किसान मजदुर का बैलबंडी मोर्चा निकालकर तहसील के माध्यम से राष्ट्रपती को निवेदन पेश किया गया.   

डा. आम्बेडकर चौक से बस स्टैंड चौक तक मोर्चा निकाला गया. तत्पश्चात मोर्चा सभा में रूपांतरीत हुआ. सभा में प्रकाश देवताले, घनश्याम मुलचंदानी, कवडु कुंदावार, आतिक कुरेशी ने उपस्थितों को संबोधित किया. तत्पश्चात शिष्टमंडल द्वारा तहसीलदार डा. खटके के माध्यम से राष्ट्रपती को मांगो का ज्ञापन भेजा गया.  

इस समय प्रमोद बोरीकर, जयपाल गेडाम, रविन्द्र मरपल्लीवार, प्रशांत झाडे, वसंत मोरे, नंदु कुम्बरे, अशोक सिडाम, आनंद पातले, साईनाथ शिंदे, निलकंठ नैताम, रविन्द्र पेन्दोर, रुषी पोलेलवार, संजय बुरांडे, रमेश कन्नाके, प्रेमदास तोडासे, सुरेश सातपुते, कालीदास उइके, राजाराम मोहुर्ले, भगिरथ झाडे, प्रदीप बुटले, विनोद थेरे, शामसुंदर बदन, साईनाथ गोहणे, चिंधु बुरांडे समेत अन्य पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित थे.