बिल पर बेशरम के फूल अर्पित, 3 माह के बिजली बिल का विरोध

चंद्रपुर. कोरोना के पार्श्वभूमि पर मार्च माह की 22 तारीख से अचानक देश में लॉकडाउन घोषित किया गया है. इस दौरान सम्पूर्ण व्यवसाय उद्योग बंद रहा. 3 माह की अवधि के बाद नागरिकों को अचानक 3 महीने का बिजली बिल भेजा गया है. पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों पर और आर्थिक बोझ डाल दिया गया है. इसके खिलाफ संविधान संवर्धन समिति की ओर से फिरोजखान पठान के नेतृत्व में बिजली वितरण कंपनी के खिलाफ निषेधात्मक आभार आंदोलन कर बिजली बिल माफी संदर्भ में वित्तमंत्री को निवेदन दिया गया. तत्पश्चात बिजली बिल पर बेशरम के फूल अर्पित किए गए.

नागरिकों पर दोहरी संकट
शिष्टमंडल ने बताया कि लॉकडाउन के समय में किसान कामगार, मजदूर, छोटे व्यवसाय पूर्ण रूप से बंद थे. लॉकडाउन के समय व्यवहार ठप होने से सभी को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा है. ऐसे समय में सरकार ने स्वयं राशन किट और कम्युनिटी किचन द्वारा भोजन के डिब्बे देकर नागरिकों को दिलासा देने का प्रयास किया. धीरे-धीरे लॉकडाउन शिथिल किए जाने के बाद भी उद्योग व्यवसाय पूर्व की तरह नहीं आ पाया है. सभी को घर गृहस्थी चलाने के लिए काफी जतन करने पड़ रहे हैं. अचानक 3 माह का बिजली बिल आने से सामान्य नागरिक दोहरे आर्थिक संकट में  है.

अधिकारियों को गुलाब का फूल
संविधान संवर्धन के माध्यम से आंदोलन के बाद बिजली बिल माफ करने की मांग को लेकर निषेधात्मक आभार के रूप में गुलाब फूल देकर कनिष्ठ अभियंता, बिजली वितरण केन्द्र, दुर्गापुर को  निवेदन दिया गया. आंदोलन में कपिल भगत, मेहबूबभाई शेख, जावेद खान पठान, मारोती कांबले, बबलू चनोडे, अमित मुरमाले, शिला मुंजेवार, शरमीन पठान, माया रामटेके, भाग्यलक्ष्मी मुसमवार, सुरेखा वाकले, किक्षरण नालमवार, सागर फ्ररकुंडे ने योगदान दिया.