Notice to Minister Vijay Vadettivar in passport application case

चंद्रपुर. जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते रौद्र रूप को देखते हुए जिले के पालकमंत्री विजय वडेटटीवार ने शुक्रवार को यहां एक आपात बैठक लेते हुए बताया कि, जिस रफ्तार से जिले में कोरोना मरीज बढ़ रहे है उसे देखते हुए सितंबर अंत तक जिले में मरीजों का आंकड़ा 20 हजार से अधिक होने का अनुमान है।

उन्होंने कहा कि, जिस रफ्तार से मरीजों की संख्या बढ़ रही है उसे देखकर जिला प्रशासन  की मदद से उन्होंने  कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिए है।

उन्होंने कहा कि, सितंबर माह जिले में कोरोना संक्रमण का पिक पिरेड रहेगा। इस माह के अंत तक सक्रिय मरीजों की संख्या ही 8 हजार से अधिक होने के अनुमान पर अब जिले में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने का निर्णय हुआ है।

जिले में अब वरोरा, भद्रावती, राजुरा, ब्रम्हपुरी तथा बल्लारपुर तहसील मुख्यालयों में 100 बिस्तरों वाले कोविड अस्पताल तैयार किये जायेंगे जिनमे 50 बेड आईसीयू के तथा शेष 50 बेड ऑक्सीजन सुविधायुक्त होंगे।

उन्होंने बताया कि, चंद्रपुर शहर के महिला अस्पताल में भी 100 बेड का कोविड अस्पताल बनेगा। साथ ही साथ आगामी 10 दिनों में चंद्रपुर में अतिरिक्त एक हजार बेड का अस्थायी कोविड अस्पताल तैयार किया जाएगा ताकि जिले में मरीजों के लिए बिस्तरों की कमी ना हो और तहसीलों के मरीजों को उपचार हेतु महानगर में आने की नौबत न आये।

उन्होंने कहा कि, जिले में स्वास्थ्य कर्मियों तथा डॉक्टरों की कमी के मद्देनजर आज से ही आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मियों की भर्ती की जा रही है।

कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध कराई जा रही नई सुविधाओं के लिए निधि की कोई कमी नहीं पड़ेगी। राज्य सरकार ने इसके लिए 41 करोड़ दिए है, आपदा प्रबंधन मंत्रालय की ओर से भी 8 करोड़ प्राप्त हुए है। जिला विकास तथा खनिज विकास निधि का भी क्रमशः 33 एवंम 25 प्रतिशत निधि कोरोना पर खर्च करने के लिए आरक्षित किया गया है।

उन्होंने स्वीकार किया कि, पिछले 15 दिनों में जिले में कोरोना की बदतर और चिंताजनक स्थिति निर्माण हुई है। यह स्थिति आगामी 15 दिनों में सुधारने के कड़े निर्देश दिए गए है।

अस्पताल में भर्ती मरीजों की वर्तमान स्थिति उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए दिन रात कार्यरत सूचना केंद्र तैयार किया जा रहा है। जिले में मरीजों को ऑक्सीजन की कोई कमी महसूस ना हो इसके लिए  3 करोड़ की लागत से 2 ऑक्सीजन प्लांट तैयार किये जा रहे है। इस प्लांट से सिलेंडर तथा पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी. ऐसेही छोटे प्लांट उक्त पांचों तहसीलों में भी होंगे जहां कोविड अस्पताल बनाये जा रहे है।

मेडिकल कॉलेज में जो डॉक्टर आउटसोर्सिंग से नियुक्त थे वे तनख्वाह तो ले रहे थे लेकिन मरीजों को सेवा नहीं दे रहे थे ऐसे डॉक्टरों का मेडिकल रजिस्ट्रेसन 5 वर्ष के लिए निलंबित करने का भी निर्णय लिया गया है। ऐसे निलंबित डॉक्टर्स बाद में 5 वर्ष तक ना तो कहीं नौकरी कर पाएंगे और ना ही निजी प्रैक्टिस कर पाएंगे।