Celebrate Eid with simplicity at home, Ulemas call upon Muslim society
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    चंद्रपुर. कोरोना संक्रमण को देखते हुए 21 जुलाई को मनाई जाने वाली ईद उल अज्हा यानि बकरीद को बड़ी सादगी से अपने-अपने घरों में मनाने की अपील उलेमाओं ने मुस्लिम समाज से की है. बल्लारपुर जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अल्हाज शमीमउल कादरी ने फरमाया कि हुक्मते वक्त के आदेशानुसार ईद उल अजहा (बकरीद) बड़ी सादगी के साथ अपने घरों में मनाएं. शासन द्वारा दी गई गाइड लाइन्स का पालन करते हुए नमाज अदा करें.

    नमाज पर दी जानकारी

    ईद की नमाज कैसे पढ़ी जाए इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सूरज निकलने के 20 मिनट बाद दो रकात इशराक की नमाज पढ़े. कुछ वक्त अल्लाह का जिक्र करने के बाद दो रकात चाश्त की नमाज अदा करें. अल्लाह रब्बुल इज्जत इंशाअल्लाह घरों में नमाज पढ़ने वालों को भी उनकी नियत की बुनियाद पर ईद उल अज्हा की नमाज का सवाब अता फरमायेगा. साथ ही दुआएं करें कि हमारा देश कोविड-19 महामारी से सुरक्षित रहे. 

    भीड़ न करें

    सभी को ईद उल अजहा की मुबारकबाद देते हुए तुकूम मदीना मस्जिद के इमाम तहसीन रजा ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क एवं शासन के नियमों का पालन करते हुए ईद की खुशियां अपने घरों में अमन और सुकून से मनाएं. भीड़ न करें, नाहक घरों से बाहर न जाएं. प्रशासन के नियमों का पूर्णत: पालन करते हुए कानून व्यवस्था बनाये रखने में सहायक बने.

    वड़सा देसाईगंज स्थित रफी अहमद किदवाई के उपमुख्याध्यापक गुलाम अहमद यासीनों का कहना है कि केन्द्र एवं राज्य शासन के नियमों के मद्देनजर ईदुल अजहा की खुशियां मनाएं. अपने घरों में सुरक्षित रहे और दूसरों की सुरक्षा का भी ख्याल करें. हर प्रकार की भीड़ को टाले.