केंद्रीय जांच दल ने किया बाढ ग्रस्त क्षेत्र का मुआयना

  • घर और फसल के नुकसान का लिया जायजा

चंद्रपुर. गोसीखुर्द बांध के दरवाजे खोलने से वैनगंगा नदी किनारे बसे ब्रम्हपुरी तहसील में भारी बाढ आ गई। बाढ से खेतों की फसल के साथ मार्ग, महावितरण और जलसंवर्धन आदि विभाग के सार्वनजिक संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। आज केंद्रीय दल ने दूसरे दिन चंद्रपुर जिले के ब्रम्हपुरी तहसील के लाडज, बेलगांव, किन्ही नदी से सटे गांव में बाढ से मची तबाही का जायजा लेकर नागरिकों से संवादा साधा।

29 से31 अगस्त के बीच गोसीखुर्द बांध के सभी 33 दरवाजे 5 मीटर खोलकर 30657 क्यूमेक्स पानी वैनगंगा नदी में छोडे जाने से बाढ आ गई। बाढ से वैनगंगा नदी किनारे बसे गांव को बाढ का सर्वाधिक नुकसान झेलना पडा है। जिला प्रशासन नुकसान का पंचनामा कर रही है। इस नुकसान का प्रत्यक्ष जायजा लेकर केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए केंद्रीय दल की टीम शनिवार को जिले के ब्रम्हपुरी तहसील के लाडज, बेलगांव, किन्ही गांव का दौरान कर दल के अधिकारियों ने ग्रामणों से संवाद साधा।

पथक प्रमुख के रुप में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहसचिव जी. रमेशकुमार गांता, कृषि मंत्रालय के संचालक आर.पी. सिंह, मार्ग व परिवहन विभाग के अधीक्षक इंजीनियर तुषार व्यास का समावेश है। इस अवसर पर जिलाधीश अजय गुल्हाने, जिप के सीईओ राहुल कार्डिले, उपविभागीय अधिकारी क्रांति डोंबे, तहसीलदार विजय पवार, गटविकास अधिकारी प्रणाली खोचरे, उपविभागीय कृषि अधिकारी शिरीष भारती, तहसील कृषि अधिकारी खंडाले, महावितरण के अधीक्षक इंजीनियर विजय मेश्राम, उपविभागीय इंजीनियर निखार, सिंचाई विभाग के कार्यकारी इंजीनियर सातपुते, ग्रामसेवक निर्मला इंगोले आदि उपस्थित थे।

लाडज गांव के निलकंठ लोनारे, विजय मेश्राम, विश्वनाथ कुमरे, विजय नखाते के खेत में जाकर फसलों के नुकसान का जायजा लिया। लाडज गांव में बाढ का पानी घुसने से गांव के 60 घर पूर्णत धराशायी हो गये 25 अशंत और जानवर बांधने के 18 गांव के गौशाला बह गये। इसी प्रकार दल ने अन्य बाढ ग्रस्त गांव का जायजा लिया। किसानों ने दल के सामने अपनी व्यथा रखकर जल्द सहायता की अपील की है।