Road work stopped due to factionalism

    • मार्ग खुला न करने पर आंदोलन की चेतावनी

    मूल. 30 वर्षो से उपयोग किया जा रहा मार्ग न्यायालय के आदेश पर बंद कर दिया गया है. इसकी वजह से नागरिकों को बिना वजह परेशानी का सामना करना पड है. इसलिए नगर प्रशासन से मार्ग उपलब्ध कराने की मांग परिसर के 25 परिवारों ने की है मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.

    स्थानीय वार्ड क्रं. 15 के सौदागर सा मिल के बाजू में 30 वर्षो से आवागमन किए जा रहे मार्ग की खुदाई और पेड काटकर बंद कर दिया गया है. यह मार्ग की जगह निजी मिल्कियत की है. न्यायालय के निर्णय के अनुसार इस जगह का कब्जा लेने वाले मालिक विजय नारनवरे ने जगह निजी संपत्ति होने का फलक लगा दिया है.

    इसकी वजह से आवगमन करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सवाल किया जा रहा है कि यदि जगह निजी संपत्ति थी तो नगर पालिका ने हजारों रुपए खर्च कर इस जगह पर मार्ग का निर्माण कैसे किया? बंद किए मार्ग से सटकर पानी निकासी की नाली, सार्वजनिक नल योजना की पाइप लाईन, भूमिगत बिजली तार बिछाने की अनुमति क्यों दी थी.

    इस विवादित जगह पर विकास काम करते समय पर जगह मालिक ने नगर पालिका को क्यों नहीं रोका? महीने भर से मार्ग बंद होने से परिसर में कचरा उठाने वाली घंटा गाडी नहीं गई है, मार्ग बंद होने से परिसर के कोरोना बाधितों 200 मीटर उठाकर ले जाना पडता है. इसकी वजह से परिसर में निवास करने वाले 25 परिवारों के सामने समस्या आ गई है. नगर प्रशासन से मार्ग उपलब्ध कराने की मांग लगातार की जा रही है.

    नागरिकों की समस्या को देखते हुए मुख्याधिकारी सिध्दार्थ मेश्राम, नपा उपाध्यक्ष नंदकिशोर रणदिवे, वार्ड सदस्य मिलिंद खोब्रागडे और संबंधित अधिकारियों भेंट दी. किंतु मार्ग की समस्या का हल नहीं निकल सका. इसलिए अब किससे फरियाद करें यह सवाल नागरिकां ने किया. समस्या हल न होने पर नागरिकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है. 

    जमीन के संबंध में विजय के पिता पदमाकर नारनवरे ने कहा कि इस जगह का मामला अनेक वर्षो तक न्यायप्रविष्ठ था इसलिए किसी प्रकार के काम में बाधा डालना अथवा मार्ग अवरुध्द करना उचित नहीं था. किंतु अब न्यायालय का फैसला पक्ष में लगने के बाद कानूनी तौर पर पर कब्जा कर लिया है.