कोरोना महामारी में कामगार सहायता निधि से निर्माण कामगार वंचित

  • निधि कामगारों के लिए खर्च नही करने पर आंदोलन का इशारा
  • पत्रपरिषद में भुमीपुत्र ब्रिगेड की जानकारी

चंद्रपुर. कामगारों के कल्याण हेतु महाराष्ट्र इमारत व अन्य निर्माण कल्याणकारी मंडल की स्थापना 1996 में की गयी. मंडल के माध्यम से कामागारों का पंजीयन कर उन्हे शैक्षणिक सहाय्य योजना, आर्थिक सहाय्य योजना, सामाजिक सुरक्षा व अन्य योजना के लिए कामगार निधि के तौर पर सरकार द्वारा मंडल को फंड दिया जाता है. परंतु आनलाईन प्रक्रिया व कोरोना संकट के चलते 1 लाख 20 हजार कामगारों का पंजीयन रिन्युअल नही होने से कामगार निधी से वंचित रहना पड रहा है. बेरोजगारी व भुकमरी का सामना कर रहे कामगारों के साथ न्याय नही करने पर कामगार वर्ग सडक पर उतरकर तिव्र आंदोलन करने का इशारा भुमीपुत्र ब्रिगेड ने पत्रपरिषद में दिया है. 

पत्रपरिषद में डा. गावतुरे ने बताया कि, इमारत, सडक, रेलवे, ट्रामवेज, एअर फिल्ड, सिंचाई, जलनिसारण, टावर, कुलींग टावर, नहर, पुल, बोगदा, सेतु, पाईपलाईन आदि कार्य में कामगारों का उपयोग किया जाता है. सरकार ने कामगारों के कल्याण हेतु महाराष्ट्र इमारत व अन्य निर्माण कल्याणकारी मंडल की स्थापना की गयी. निर्माण कार्य के ठेकेदारों की ओर से संबंधित निर्माण का टैक्स मंडल में जमा किया जाता है. यही निधि संगठीत व असंगठीत क्षेत्र के पंजीबध्द कामगारों के हितो के लिए उपयोग में लाया जाता है. इस तरह के निर्देश सरकार ने मंडल को देकर रखे है. परंतु पंजीयन प्रक्रिया आनलाइन शुरू होने से मार्च महिनों से पंजीयन रिन्युअल प्रक्रिया रोक दी है. उसके बाद कोरोना के चलते आफलाईन पंजीयन पर रोक लगा दी. संबंधित कामगारों की आनलाईन व आफलाईन पंजीयन प्रक्रिया ठप्प होने से कामगार वर्ग कामगार सहायता निधि से वंचित रहना पड रहा है. जिसके कारण कामगारों को बेरोजगारी व भुकमरी का सामना करना पड रहा है. 

इस संदर्भ में भुमीपुत्र ब्रिगेड ने निर्माण कामगारेां के लिए स्वतंत्र कार्यालय की स्थापना, निर्माण कामगारों को घरकुल योजना दिए जाने, सभी कामगारों को कोरोना सहायता निधि दिए जाने, आनलाईन के नाम पर कामगारों की दिशाभुल की जा रही है इस ओर ध्यान दिए जाने, पंजीबध्द कामगारों को पात्रता अनुसार त्वरित सहायता दिए जाने, कामगारों को दोपहर के भोजन की व्यवस्था करने, कामगारों को स्वास्थ निधि व अतिरिक्त लाभ दिए जाने की मांग की है.   

पत्रपरिषद में डा. रियाज खान, डा. गावतुरे, शाहिदा शेख आदि उपस्थित थे.