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    चंद्रपुर. जिले में कोरोना की रफ्तार थमती नजर नहीं आ रही है. दो दिन की आंशिक राहत के बाद एक बार फिर कोरोना मरीजों की संख्या ने रफ्तार पकड़ ली है. गुरूवार को एक ही दिन में 1741 नये कोरोना मरीज मिले, वहीं 29 लोगों ने कोरोना के चलते दम तोड़ दिया. कोरोना में मृतकों के आंकड़ों को लेकर भी संदेह बना हुआ है. एक ओर जहां सरकारी आंकड़ों में मृतकों की संख्या कम बतायी जा रही है वहीं श्मशान घाट पर मृतकों के शव की अंत्येष्टि के लिए नंबर लगाने की स्थिति है.

    चंद्रपुर शहर के ही श्मशान घाटों पर रोजाना 35 से 40 मृतकों का दाह संस्कार हो रहा है. यह स्थिति तो केवल हिन्दू रीतिरिवाज से होने वाली दाहसंस्कार की है. मुस्लिम और ईसाइयों के कब्रिस्तानों पर रोजाना कितने मृतक लाये जा रहे हैं. इसका आंकड़ा मृतकों की संख्या में वृद्धि करता हुआ प्रतीत होता है. कभी किसी ने शायद ही सोचा होगा कि श्मशान में भी उन्हें अपने किसी सगे के दाहसंस्कार के लिए भी नंबर लगाने की भी स्थिति का सामना करना पड़ेगा. वहीं सरकारी आंकड़ों में और श्मशानों में आने वाले मृतकों की संख्या भिन्नता को लेकर भी अब सवाल उठ रहे हैं.

    चंद्रपुर के अस्पतालों में कोरोना से मरने वाले मृतकों पर शहर के बाहर पठानपुरा श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किये जाते हैं, किंतु इस घाट पर शवों पर अंत्येष्टि की क्षमता कम होने और मरने वालों की संख्या अधिक होने से श्मशान घाट के बाहर शवों की कतार देखने मिल रही है. यहां  जगह की उपलब्धता कम होने से एक के बाद एक 3 चरणों में शवों पर अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है. जो मरीज अस्पताल में बेड्स उपलब्ध नहीं होने से अस्पताल के बाहर या घरों में दम तोड़ रहे हैं. उन पर भी इसी श्मशान घाट पर दाहसंस्कार किये जा रहे हैं.  जिस तरह से प्रतिदिन बढ़ी संख्या में लोगों का दाह संस्कार हो रहा है उससे स्पष्ट है कि मृतकों के आंकड़ों को छिपाया जा रहा है.

    16,360 सक्रिय मरीज

    कोरोना मरीजों की स्थिति को लेकर पिछले दो दिनों में कुछ राहत मिली थी, परंतु अब स्थिति पुन: भयावह नजर आ रही है. सक्रिय मरीजों का आंकड़ा फिर उफान पर है. इस समय 16,360 सक्रिय मरीज हैं. मरीजों की बढ़ती संख्या का नतीजा है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए जगह नहीं है. लोग बेडस के लिए तड़प रहे हैं. मरीज की गंभीर स्थिति होने पर उनके रिश्तेदारों द्वारा सबसे पहले सरकारी अस्पतालों में लाया जाता है, परंतु वहां से टका सा जवाब मिलता है कि यहां पहले से ही मरीजों से बेड बुक हैं.

    किसी मरीज की दुर्भाग्य से मौत होने पर ही बेडस खाली मिल सकता है ऐसे में निजी अस्पतालों में भरती करने की सलाह दी जा रही है. निजी अस्पतालों में एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर काटने के बाद बहुत कोशिशों से बेड मिल पा रहे हैं. यह स्थिति हो गई है कि मरीजों लेकर उनके रिश्तेदार तेलंगाना भाग रहे हैं. चंद्रपुर जिले से बड़ी संख्या में मरीज तेलंगाना पहुंच रहे हैं. तेलंगाना में पहुंच रहे मरीजों का उचित उपचार हो ऐसी अपनी स्थानीय विधायक किशोर जोरगेवार ने तेलंगाना सरकार से की है.

    45 बेड अस्पताल अब भी कागजों पर

    कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए मनपा प्रशासन ने अपना स्वयं का 45 बेड का कोविड अस्पताल शुरू करने की घोषणा की थी, परंतु पिछले सप्ताह भर से यह प्रस्तावित 45 बेड अस्पताल अब भी कागजों पर ही है. इस संदर्भ में अब तक किसी भी तरह की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पायी है.

    नियंत्रण कक्ष केवल नाम का

    कोरोना मरीजों को समय बेडस मिल सके और उनकी जान बच सके इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं बेडस समेत अन्य स्वास्थ्य सुविधा के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, परंतु बेडस के लिए जब भी इस नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया जाता है तो कोई रिस्पांस नहीं मिलता है इससे मरीज के रिश्तेदार काफी हताश और परेशान है. स्थिति यह है कि प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि तक फोन नहीं उठा रहे हैं. बेडस, आक्सीजन नहीं मिल पाने से कोरोना मरीजों के परिजनों के बीच त्राहि-त्राहि मची हुई है.

    आज 29 की मौत

    जिले में पिछले 24 घंटे में 29 लोगों की कोरोना से मौत हुई, जबकि 1741 नये कोरोना मरीज पाये गए जबकि 1064 मरीजों ने कोरोना से मुक्ति पायी है. जिले में शुरूआत से अब तक कोरोना के 58 हजार 645 हजार मरीज पाये गए हैं जिनमें से 41 हजार 408 मरीज ने कोरोना से मुक्ति पायी. इस समय 16 हजार 360 मरीजों का उपचार शुरू है. अब तक 3 लाख 73 हजार 004 मरीजों की जांच की गई जिनमें से 3 लाख 9 हजार 565 लोगों के नमूने निगेटिव आये हैं.

    आज मृत पाये गए 29 लोगों में चंद्रपुर शहर के नगीनाबाग से 63 वर्षीय पुरुष, 53, 60 व 68 वर्षीय पुरुष, लालपेठ कालोनी परिसर से 50 वर्षीय पुरुष, बाबूपेठ से 45, 55 व 67 वर्षीय महिला, रामनगर परिसर से 55 वर्षीय महिला, अरविंद नगर से 84 वर्षीय महिला, सरकार नगर से 50 वर्षीय पुरुष, वरोरा तहसील से 68 वर्षीय पुरुष, वायगांव से 60 वर्षीय पुरुष, 70 व 87 वर्षीय पुरुष, बल्लारपुर से 55 वर्षीय महिला, विसापुर से 60 वर्षीय महिला. 65 वर्षीय पुरुष, कोरपना तहसील से 45 वर्षीय महिला, 55 वर्षीय पुरुष, सिंदेवाही तहसील से 50 ‌व 52 वर्षीय महिला, चिमूर तहसील से 58 वर्षीय पुरुष, सरडपार से 65 वर्षीय महिला, आडेगांव से 43 वर्षीय पुरुष, नागभीड़ तहसील से 49 व 57 वर्षीय पुरुष, ब्रह्मपुरी तहसील से 68 वर्षीय पुरूष का समावेश है.

    जिले में अब तक 877 बाधितों की मौत हो गई. इसमें से चंद्रपुर जिले के 812, तेलंगाना से 1, बुलढाणा से 1, गड़चिरोली से 27, यवतमाल से 25, भंडारा से 7, गोंदिया से 1 और वर्धा से 1 और नागपुर से 2 बाधित का समावेश है.

    आज पाये गए 1741 बाधित मरीजों में चंद्रपुर महानगर पालिका क्षेत्र के 497, चंद्रपुर तहसील से 142, बल्लारपुर 104, भद्रावती 106, ब्रम्हपुरी 121, नागभीड़ 39, सिंदेवाही 116, मूल 123, सावली 39, पोंभुर्णा 11, गोंडपिपरी 45, राजूरा 98, चिमूर 50, वरोरा 128, कोरपना 87, जिवती 15 व अन्य स्थानों से 20 मरीजों का समावेश है.