RTPCR test
Representational Pic

    चंद्रपुर. जिले में प्रतिदिन कोरोना के 1500 से अधिक नये मरीज मिल रहे हैं, जबकि पूरे सप्ताह भर जिला प्रशासन की सूचना पर कड़ा लाकडाउन लगाया गया था. जनता कर्फ्यू के बावजूद नये मरीजों की संख्या में कोई कमी नहीं आयी है. इसका मुख्य कारण यह भी है कि जो भी नये मरीज मिल रहे हैं उन्हें उनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट 24 घंटे के बजाय काफी देरी से मिल रही है.

    ऐसे में संबंधित व्यक्ति कई अन्य लोगों के संपर्क में आ जाता है ऐसे में कोरोना का संक्रमण भी बढ़ रहा है इस समस्या के समाधान के रूप में तहसील स्तर पर या आसपास के तीन-चार तहसीलें मिलकर एक आरटीपीसीआर केन्द्र शुरू किया जाए और जो भी व्यक्ति जांच करता है उसकी रिपोर्ट तुरंत दी जाए.

    रिपोर्ट के लिए 6 से 7 दिन का इंतजार

    कोरोना इस संक्रामक बीमारी के निदान के लिए वर्तमान में एन्टीजेन और आरटीपीसीआर यह दो परीक्षण पद्धति प्रचलित है. एन्टीजेन जांच से उक्त व्यक्ति पाजिटिव है या नहीं इसका पता तुरंत ही चल जाता है, परंतु आरटीपीसीआर जांच किए जाने के बाद इसकी रिपोर्ट आने पर छह से सात दिनों का समय लग रहा है.

    फलस्वरूप आरटीपीसीआर परीक्षण किए गए एकाध व्यक्ति पाजिटिव हो तो भी वह सामान्य व्यक्ति की तरह मुझे कुछ नहीं हुआ है यह समझते हुए अपने परिवार और समाज में खुलेआम घूमता है ऐसे मे उसका संक्रमण औरों मे फैल जाता है और एक व्यक्ति कई अन्य लोगों को भी कोरोना के चपेट में ले लेता है. ऐसा ही कुछ इस समय हो रहा है.

    समय पर नहीं हो पाता इलाज

    विशेषकर ग्रामीण जनता की आरटीपीसीआर जांच कर उनके नमूने चंद्रपुर मुख्यालय में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं ऐसे में चंद्रपुर में इसकी जांच में सात से आठ दिन का समय लग रहा है और यही समय कई अन्य लोगों में कोरोन संक्रमण करने के लिए कारण बन रहा है. संक्रमित व्यक्ति की भी हालत समय पर उपचार नहीं मिलने से चिंताजनक हो रही है. कोरोना संक्रमण को रोकने का एक ही कारगर उपाय है कि संबंधित की रिपोर्ट तुंरत ही दी जाए और ताकि वह और उसका परिवार पूरी सावधानी बरते और अन्य लोग भी कोरोना संक्रमण से बच सके.