पार्षद पप्पू देशमुख ने का आत्मक्लेश आंदोलन

  • कोरोना का बाजारीकरण देख होता है दु:ख

चंद्रपुर.  जिले में हजारों की संख्या में कोरोना बाधितों की संख्या बढ रही है। सरकारी हास्पिटल में बेड की संख्या नहीं बढाई गई है। उपचार के अभाव में गरीब, सामान्य नागरिकों का हाल बेहाल हो रहा है। जिला प्रशासन ने आज तक वेकोलि के 4 बडे हास्पिटल को कोरोना उपचार के लिए लेने का प्रयास नहीं किया है। शहर और जिले के अनेक लान और सभागृह खाली पडे है उनका उपयोग करने का विचार किसी के दिमाग में नहीं आया। किंतु बांबे नर्सिंस होम एक्ट तथा अन्य नियमों को ताक पर रखने का काम जिला और मनपा प्रशासन द्वारा करने का आरोप करते हुए पार्षद पप्पू देशमुख ने आज दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक आत्मक्लेश आंदोलन किया है।

देशमुख ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने आज तक कोई प्रयास नहीं किया किंतु 1000 बेड वाले निजी कोरोना हास्पिटल को मंजूरी देने में काफी तत्परता दिखाई है। क्योंकि एक निजी डाक्टर ने हस्तलिखित आवेदन दिया, जिसमें कोई दिनांक नहीं, मनपा का आवक-जावक क्रंमांक नहीं। इसके बावजूद उसी दिन मनपा ने आवेदन पर मार्किंग कर तुरंत जम्बो हापिटल को अनुमति दे दी। जम्बो हास्पिटल खोलने के लिए मनपा में निर्धारित प्रारुप में प्रस्ताव देना था प्रस्ताव के साथ डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट जोडना भी आवश्यक था। रिपोर्ट में छोटी बडी एजंसी के साथ हुए अनुबंध की जानकारी नहीं दी गई। डाक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ तथा अन्य साधन सामग्री की जानकारी नहीं दी गई। मनपा और जिला प्रशासन ने आनन फानन में अनुमति तो दे दी किंतु भविष्य में रोगियों के जान को खतरा हो सकता है। आज आंदोलन करने वालों में देशमुख के साथ जन विकास सेना के घनश्याम येरगुडे, देवराव हटवार, किशोर महाजन, निलेश पाझारे, दिनेश कंपू, इमदाद शेख, मनिषा बाबडे, मिना कोंतंमवार, कविता अवथनकर, साईनाथ कोंतंमवार, अक्षय येरगुडे, आकाश लोडे, सतीश येसांबरे, अमोल घोडमारे, प्रफुल बैरम, नामदेव पिपरे, वैभव ऐनप्रड्डीवार, गितेश शेंडे, प्रवीण मटाले आदि उपस्थित थे।