कोयला खदान में कल से देशव्यापी हड़ताल

  • WCL की पांचों यूनियन कमर्शियल मायनिंग के विरोध में

राजुरा. केंद्र सरकार ने कोयला उद्योग में कमर्शियल मायनिंग शुरू कर कोयला ब्लॉक की नीलामी शुरू की है. सरकार उद्योगपतियों की सुविधा एवं उनके हित का विचार कर रही है. इसके चलते कामगार, किसान, व्यापारी, बेरोजगार युवकों पर आर्थिक संकट आ गया है. इसके विरोध में बल्लारपुर क्षेत्र में सम्पूर्ण कोयला खदान कामगारों ने 2  से 4 जुलाई को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. इसमें सभी कोयला कामगारों को शामिल होने का आह्वान पांचों कामगार संघ के क्षेत्रीय नेताओं ने सास्ती कोयला खदान में हुई द्वार सभा में किया.

कामगार संगठनों की हुई द्वार सभा
गत 3 दिनों से  हड़ताल की तैयारी एवं जनजागरण बल्लारपुर क्षेत्र में सभी 8 खदानों सहित 11 स्थानों पर शुरू है. रोज सुबह 8 बजे एक ही समय द्वार सभा ली जा रही है. द्वारसभा में भारतीय मजदूर संघ के केन्द्रीय महामंत्री सुधीर घुरडे, जोगेंद्र यादव,विवेक अल्लेवार,अनिल निब्रड,पी.बी.पाटिल व शांताराम वांढरे, इंटक के नेता आर.शंकरदास, सुदर्शन डोहे,आर.आर.यादव, ईश्वर गिरी व विजय कानकाटे, आयटक के मधुकर ठाकरे, रायलिंगु झूपाका, दिलीप कनकुलवार, पुरुषोत्तम मोहुर्ले, विलास भोयर व दिनेश जावरे, एचएमएस के अशोक चिवंडे,प्यारेलाल पुंडे, ताज मोहम्मद,संग्राम सिंह व रंगराव कुलसंगे, सीटू के गणपत कुडे,शेख जाहीद, दिनेश सोनी,पी.एन.सुंचूवार व सचिन कुडे आदि ने अपने विचार रखते हुए केन्द्र सरकार एवं प्रधानमंत्री के उद्योग एवं कामगार विरोधी नीति पर जोरदार हमला कर हड़ताल को सफल बनाने का आवाहन किया.

यह है मांगें
कोयला उद्योग के निजीकरण को प्रोत्साहन देने वाली कमर्शियल मायनिंग बंद करने, सीएमपीडीआय को कोल इंडिया से अलग न करने, सीआयएल एवं एमसीसीएल इन कोल इंडिया से जुड़ी कंपनियों का निजीकरण न करने सहित ठेकेदारी कामगारों की मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है. 

द्वारसभा में राष्ट्रीय कोयला कोयला मजदूर संघ, भारतीय मजदूर संघ, संयुक्त खदान मजदूर संघ, कोयला श्रमिक सभा, लाल झंडा कोल माइन मजदूर संघ इन पांचों श्रमिक यूनियन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एवं कामगार बड़ी संख्या में उपस्थित थे.