26 नवम्बर को कर्मचारी, शिक्षक व कामगारों की देशस्तरीय हड़ताल

चंद्रपुर. देशभर के राज्य सरकारी कर्मचारी, शिक्षक व कामगारों का अस्तित्व खतरे आने से कर्मचारी, शिक्षक व कामगार वर्ग अस्वस्थ हुआ है. सरकार की भुमिका के खिलाफ उचीत कदम उठाने की दृष्टी से 23 नवम्बर को राज्य सरकारी कर्मचारी मध्यवर्ती संगठन के कार्यकारी मंडल व समन्वय समिति की सभा ली गई. सभा में 26 नवम्बर को आयोजित हडताल व अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई. ओबीसी समाज का महामोर्चा होने से तथा कोरोना संक्रमण के चलते कर्मचारीयेां के हितों को ध्यान में रखते हुए बिना मोर्चा निकाले स्वयं के कार्यालय समक्ष दोपहर 12 बजे निर्दर्शन करने का निर्णय लिया गया. हडताल को शिक्षक संगठन व कामगार संगठन का शतप्रतिशत समर्थन है. 

सभी को 1982 की पुरानी पेंशन योजना लागु करने, निजीकरण नीति रद्द कर अंशकालीन व कंत्राटी कर्मचारीयों की सेवा को नियमीत किए जाने, समय के पहले सेवानिवृत्ती की अन्यायकारक नीति रद्द करने, नए कामगार विरोधी कानुन को रद्द करने, केंद्रीय कर्मचारीयों के सभी भत्ते राज्य कर्मचारीयों को लागु करने, सभी संवर्ग के रिक्त पद तत्काल भरने आदि मांगों को लेकर यह हडताल की जा रही है. 

हडताल में सहभागी होने का आह्वान राज्य सरकारी कर्मचारी मध्यवर्ती संगठन के अध्यक्ष दिपक जेऊरकर, महासचिव रमेश पिंपलशेंडे, कार्याध्यक्ष राजु धांडे, कोषाध्यक्ष संतोष अतकरे तथा जिप कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष शालिक माऊलीकर, सचिव सिंघल दिप कुमरे, नंदकिशोर गोल्लर आदि ने किया है.