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  • खेतों में घुसकर धान को पहुंचा रहे नुकसान
  • जान हथेली पर लेकर किसान कर रहे खेतों की रखवाली

चंद्रपुर. जिले  मूल, सावली, नागभीड, सिंदेवाही, ब्रम्हपुरी आदि तहसीलों की प्रमुख फसल धान है। इसके चलते जिले की पहचान उच्च श्रेणी के धान उत्पादक तहसील के रुप में है। किंतु इन दिनों सावली तहसील के किसान जंगली सुअरों से हलाकान है क्योंकि सुअर धान के खेतों में घुसकर धान को जमीन से उखाडकर फसल को जमींदोज कर भारी नुकसान पहुंचा रहे है। किंतु कुछ किसान जान हथेली पर रखकर रात के समय पर धान की फसलों की रखवाली कर रहे है।

सावली तहसील के गेवरा बुज, बोरमला, विहिरगांव, गेवरा खुर्द, करोली, कसरगांव, डोंगरगांव, निफंद्रा और बारसागड गांव में इस वर्ष धान की फसल लहलहा रही है। इन दिनों धान की बाली निकल रही है और किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद है। किंतु जंगली सुअर के झुंडों ने किसानों को परेशान कर रखा है सुअरों का झुंड खेतों में घुसकर धान के फसल को जमीन से उखाड डालते है। तहसील के किसानों का कृषि मुख्य व्यवसाय है। सिंचाई की सुविधा न होने से किसान बरसात के पानी पर निर्भर है।

शुरुवात में उचित बरसात न होने से किसानों की उम्मीद पर पानी फिर गया था किंतु बाद में बेहतर बरसात हुई और धान को संजीवनी मिली। अब धान की बाली आने लगी है किंतु जंगली सुअरों ने किसानों को हलाकान कर रखा है। कर्ज लेकर किसानों ने खेती की है। इस वर्ष बेहतर फसल आएगी तो बैंकों का कर्ज अदा करने के साथ वर्ष भर के खर्च की आस लगाये बैठे है। कुछ किसान खेतों में मचान बनाकर रखवाली करने जा रहे है किंतु सावली तहसील जंगल से घिरा होने की वजह से कई बार बाघ, तेंदुआ, भालू जैसे हिंसक जानवर आ जाते है ऐसे में किसानों को जान हथेली पर रखकर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। इसलिए किसानों ने जंगली सुअरों के बंदोबस्त की मांग की है।