बेटियां बनेगी अब मायनिंग इंजीनियर, विधा.धानोरकर के प्रयासों से सरकार का निर्णय

चंद्रपुर. लड़कियों ने हर क्षेत्र में पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी छाप छोड़ी है. मायनिंग एवं समकक्ष पदविका पढाई में लडकियों को प्रवेश नहीं दिया जाता था परंतु अब दिया जाएगा. विधायक प्रतिभा धानोरकर के प्रयासों से बेटियों को इस क्षेत्र में भी नाम रोशन करने का अवसर मिला है.

विधा. प्रतिभा धानोरकर द्वारा इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किए जाने के बाद राज्य के उच्च एवं तंत्र शिक्षणमंत्री उदय सामंत ने महिला उम्मीदवारों को भी मायनिंग एवं समकक्ष पदविका अभ्यासक्रम में प्रवेश की मंजूरी देने का निर्णय लिया है. अखिल भारतीय तंत्र शिक्षक परिषद के अंतर्गत आनेवाली सभी संस्थानों में इस शैक्षणिक सत्र से यह निर्णय लागू किया गया है. उच्च एवं तंत्रशिक्षण विभाग ने 7 सितंबर 2020 को परिपत्रक जारी किया है इसका लाखों युवतियों को लाभ होगा.

अखिल भारतीय तंत्र शिक्षण परिषद के अंतर्गत आनेवाले संस्थानों में मायनिंग पदविका अभ्यासक्रम में छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया जाता था. मात्र  

अखिल भारतीय तंत्र शिक्षण परिषद के अंतर्गत आनेवाले संस्थानों में मायनिंग पदविका अभ्यासक्रम में छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया जाता था. मात्र 2020-2021 शैक्षणिक सत्र से मायनिंग अभ्यासक्रम के लिए प्रवेश दिया जाएगा. छात्राएं अब मायनिंग इंजीनियर बनेगी. राज्य के तंत्र शिक्षण संचालनालय ने इस संदर्भ में परिपत्रक जारी किया है.

चंद्रपुर जिला कोयला खदानों के लिए प्रसिध्द है. वेकोलि के कारण प्रतिवर्ष नौकरी के अवसर उपलब्ध होते है. मात्र मायनिंग पदविका के लिए छात्राओं का प्रवेश नहीं होने से छात्राएं रोजगार से वंचित रहती थी. विधा. प्रतिभा धानोरकर ने यह मुद्दा उठाकर छात्राओं को यह अवसर दिलाया है.