घाटकुल ग्रामपंचायत को जिला स्मार्ट ग्राम पुरस्कार, 50 लाख का पुरस्कार

चंद्रपुर. पोंभूर्णा तहसील के घाटकुल गांव ने राज्य में आदर्श ग्राम पुरस्कार प्राप्त कर जिले क गौरव बढाया. हाल ही में घाटकुल ग्रामपंचायत को जिला स्मार्ट ग्राम घोषित किया गया है. अन्य  गांव प्रेरणा ले ऐसे नवीन्यपूर्ण उपक्रम एवं विकास कार्य जिला एवं राज्य के लिए दिशानिर्देशक एवं प्रेरणादायी होगे. तहसील स्तर पर 10लाख का और जिला स्तर पर 40लाख का कुल 50लाख का जिला स्मार्ट ग्राम पुरस्कार घाटकुल ग्रामपंचायत को सरकार के ग्राम विकास विभाग की ओर से प्रदान किया गया है.

जनसहयोग एवं श्रमदान से गांव का कायाकल्प

जनसहयोग एवं श्रमदान से ग्रामीणों द्वारा किए गए काम, ग्रामपंचायत की स्वतंत्र योजना, ग्राम हित के लिए चलाये जा रहे कल्याणकारी उपक्रम इससे हुए परिवर्तन के कारण गांव राज्य में आदर्श ग्राम, हरित एवं स्वच्छ ग्राम, जिला स्मार्ट ग्राम साबित हुआ है, ग्रामीण विकास के क्षेत्र में घाटकुल ने राज्य में पहचान निर्माण कर नाम रोशन किया है गांव में स्वच्छता, प्रबंधन, दायित्व, अपारंपारिक उर्जा एवं पर्यावरण, पारदर्शकता, स्मार्ट ग्राम निकष अनुसार विकास के काम हुए है. गांव सम्पूर्ण सुविधायुक्त है.

आदर्श एवं मॉडल विलेज के रूप में पहचान

राज्य में आदर्श एवं मॉडल विलेज के रूप में गांव ने पहचान स्थापित की है गांव में प्रत्येक परिवार के पास शौचालय है गांव पूरी तरह से निर्मल हुआ है, गंदेपानी के प्रबंधन के लिए बंदिस्त गटर एवं घनकचरा प्रबंधन की स्वतंत्र व्यवस्था है, गांव में स्कूल, आंगनवाडी आयएसओ नामांकित है जो कि राज्य की पहली ग्रामपंचायत हे. गांव की स्वतंत्र वेबसाईट है, एप, फेसबुक पेज आदि आधुनिक तंत्र से लैस है.पौधारोपण, शुध्द पेयजल व्यवस्था, व्यायामशाला, अभ्यासिका, सार्वजनिक उद्यान है. गांव में प्रभावी रूप से शराबबंदी है. शराब विक्री करनेवाले को ग्रामसभा सीधे दस हजार रुपयों का दंड लगाती है.महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया गया है., महिलाओं का धान खरीदी विक्री उद्योग, मुर्गीपालन, बकरीपालन, वस्त्र व्यवसाय, मत्स्यपालन, कुंभार आदि व्यवसाय से महिलाएं आत्मनिर्भर बनी है. बच्चों की बाल पंचायत है.

विशिष्टों का निरंतर मिला मार्गदर्शन

राज्य एवं केन्द्र सरकार की योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सौर उर्जा, बायोगैस, एलईडी बल्ब का उपयोग, गांव के हर चौक में सीसीटीवी कैमरे लगे है. इस गांव में पदमश्री पोपटराव पवार, पूर्व वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार, सामाजिक कार्यकर्ता देवाजी तोफा, तत्कालिन जिलाधिकारी आशुतोष सलील, डा. कुणाल खेमनार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल कर्डिले ने गांव में आकर ग्रामीणों का मार्गदर्शन किया.

सभी का सामूहिक योगदान

 गटविकास अधिकारी धनंजय सालवे, पं.स. सदस्य विनोद देशमुख के मार्गदर्शन में ग्रामसेवक ममता बक्षी, ग्राम परिवर्तक अविनाश पोईनकर, पूर्व सरपंच प्रीति मेंदाले, गंगाधर गद्देकार, पत्रू पाल, अरुण मडावी, कुसुम देशमुख, प्रज्ञा देठे, रजनी हासे, सुनिता वाकुडकर, कल्पना शिंदे, आकाश देठे, वामन कुद्रपवार, अनिल हासे, उत्तम देशमुख, राम चौधरी, मुकुंदा हासे, विठ्ठल धंदरे, एड.किरण पाल, चंद्रशेखर बोरकुटे, अशोक मेदाळे, योगेश देशमुख, विठ्ठल धंदरे, स्वप्निल बुटले, चांगदेव राळेगावकर, देविदास धंदरे, शुभम गुडी, संदीप शिंदे, दिलीप कस्तुरे, प्रविण राऊत, निखिल देशमुख, राहूल हासे, शैलेश शिंदे,  अमोल झाडे, प्रतिमा दुधे, मालन पाल, विजया पातर, कल्पना पाल, प्रियदर्शनी दुधे, भाग्यश्री देठे, मंदा पेरकर, उर्मीला खोब्रागडे, छाया हासे, मनिषा गोडबोले, भारती हासे, ज्ञानेश्वर चौधरी, रुपेश राऊत, संदिप सुंबटकर, शुभम दयालवार सहित आंगनवाडी सेविका, शिक्षकगण, कर्मचारी एवं ग्रामीणों का सहयोग प्राप्त हुआ है.