अब तक नहीं लगा सुराग, लेना चाहती थी बंदूक का लाईसेंस

चंद्रपुर. समाजसेवी बाबा आमटे की पोती, आनंदवन महारोगी सेवा समिति की सीईओ डा.शीतल आमटे के मौत की गुत्थी सुलझाने में अब तक पुलिस को कुछ भी सफलता नहीं लगी है. शीतल की मौत किन कारणों से हुई है पुलिस इसका अब तक सुराग नहीं लगा पायी है. बंदूक लाईसेंस के मामले ने मामले को और भी पेचीदा बना दिया है.

इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार डा.शीतल ने आत्मरक्षा के लिए बंदूक का लाईसेंस प्राप्त करने की अपील की थी. बंदूक लेकर बेटी अपना की कुछ भला बुरा ना कर दें इसलिए उसके पिता डा. विकास आमटे ने भामरागड पुलिस को पत्र देकर डा.शीतल को बंदूक का लाईसेंस ना देने की अपील की थी. उनका यह पत्र लेकर भामरागड थाने का एक पुलिस कर्मी विगत दिनों वरोरा उपविभागीय पुलिस अधिकारी कार्यालय आया था. उल्लेखनीय है कि पारिवारिक कलह के चलते आमटे परिवार के सदस्य भामरागड स्थित हेमलकसा में रहने चले गए थे. उसी समय उनके पिता ने भामरागड पुलिस से निवेदन किया था कि शीतल को बंदूक लाईसेंस ना दिया जाए. अब सवाल उत्पन्न हो गया है कि डा.शीतल आखिरकार बंदूक का लाईसेंस किस उद्देश्य से लेना चाहती थी.