बुजुर्ग ने कुल्हाड़ी से प्रतिकार कर बाघ से बचायी जान

  • जंगल में भाग खड़ा हुआ बाघ
  • बाघ के हमले में चरवाहा घायल

चंद्रपुर. जिले में टाईगर अटैक की घटनाएं लगातार हो रही है। दो दिनों पूर्व ही ब्रम्हपुरी तहसील में बाघ ने एक चरवाहे पर हमला कर दिया था। जिसमें उसकी मृत्यु हो गई अगले दिन ही अन्य एक पर हमला कर घायल कर दिया। किंतु आज रविवार को  चरवाहे तेजराम नागपुरे ने बाघ का कुल्हाडी से डटकर प्रतिकार किया जिससे बाघ जंगल में भाग गया। किंतु बाघ के हमले में वह घायल हो गया। यह घटना ताडोबा के बफर जोन अंतर्गत सिंदेवाही तहसील के  शिवनी वनपरिक्षेत्र में घटी।

तेजराम किसन नागपुरे (60) आज रविवार को अपने मवेशियों को चराने के लिए सिंदेवाही तहसील के शिवनी वनपरिक्षेत्र के वासेरा कक्ष क्रं. 570 में गया था। मवेशी घास चर रहे थे कि दबिश देकर बैठे बाघ ने तेजराम पर हमला कर दिया। तेजराम ने भी समय सूचकता दिखाते हुये कुल्हाडी से बाघ का प्रतिकार किया और बाघ से अपनी जान बचायी। किंतु बाघ के हमले में उसके पीठ पर जख्म हो गये है। इस बीच वह मदद के लिए जोर जोर से आवाज भी लगा रहा था उसकी आवाज सुनकर दूसरे चरवाहे उसके पास पहुंचे तब तक बाघ जंगल में भाग गया था। घटना की सूचना गांव के पहुंचते ही ग्रामवासियों ने वनविभाग शिवणी को सूचित किया।

वनविभाग ने तुरंत गाडी भेजी और वनपरिक्षेत्र अधिकारी भाऊराव तुपे के मार्गदर्शन में वनपाल चिकाटे, वनरक्षक सुरेश मेश्राम, वनरक्षक एस.एस. टापरे ने चरवाहे तेजराम को उपचार के लिए सिंदेवाही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया। वनविभाग की ओर से घायल तेजराम को 3000 रुपये की सहायता दी गई। सिंदेवाही हास्पिटल में उपचार के लिए विलंब होने से उसे जिला सरकारी अस्पताल चंद्रपुर भेजे जाने की जानकारी वनपरिक्षेत्र अधिकारी तुपे ने दी है।