बाघ के हमले में बुजुर्ग की मौत

    •  नवेगांव लोनखैरी कम्पार्टमेंट की घटना
    • आंकड़ा : 27 लोगों की मौत इस वर्ष

    सिंदेवाही/सावली. जिले के सिंदेवाही वन परिक्षेत्र अंतर्गत नवेगांव लोनखैरी में बाघ ने हमला कर दिया. जिसमें एक बुजुर्ग की मौत हो गई है. घटना नवेगांव लोनखैरी के कम्पार्टमेंट नंबर 62 गोंवदिपुर चक वनपरिक्षेत्र सिंदेवाही में शनिवार की शाम करीब 6.30 बजे हुई. मृतक का नाम काशीनाथ पांडुरंग तलांडे (60) है. सावली तहसील में हुई एक अन्य घटना में तेंदुए के हमले में एक बुजुर्ग किसान घायल हो गया. जनवरी से अब तक हिंसक जानवरों के हमले में 27 लोग मारे जा चुके हैं.

    खेत से लौट रहा था घर

    नवेगांव लोनखैरी निवासी किसान काशीनाथ तलांडे शनिवार की सुबह अपने खेत गया था. खेत का काम निपटाकर वह शाम को लौट रहा था. तभी बाघ ने तलांडे पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई. ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी. सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी अरुणकुमार गोंड, क्षेत्र सहायक हटवार और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. उनके साथ सिंदेवाही के थानेदार योगेश घारे, पीएसआई गोपीचंद नेरकर, रणधीर मदारे, गणेश मेश्राम आदि भी पहुंचे. सिंदेवाही वन विभाग की ओर से मृतक के आश्रितों को 25,000 रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता दी गई. घटना से गांव और आसपास दहशत का माहौल है.

    तेंदुए के हमले में किसान घायल

    सावली तहसील के व्याहाड़ खु. उपवनक्षेत्र के व्याहाड़ बु. में रविवार की सुबह खेत में काम कर रहे एक किसान पर तेंदुए ने हमला कर दिया, जिसमें वह घायल हो गया. घायल का नाम विट्ठल उष्टू गेडाम (60) है. घटना सावली वनपरिक्षेत्र अंतर्गत व्याहाड़ खुर्द उपवन क्षेत्र के सामदा बिट में हुई. इससे पूर्व 13 जुलाई की रात तेंदुए ने घर में घुसकर गंगूबाई रामदास गेडाम (61) पर हमला किया था.

    जिसमें उसकी मौत हो गई थी. गेडाम खेत में धान की रोपाई के काम के लिए जा रहा था. तभी तेंदुए ने उस पर हमला किया. उसने हाथ में पकड़ी लाठी की सहायता से तेंदुए का प्रतीकार किया, जिससे वह जंगल में भाग गया. गेडाम को ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन हालत चिंताजनक होने से उसे गड़चिरोली जिला सरकारी अस्पताल में भेजा गया.

    किसानों में दहशत का माहौल

    बाघ-तेंदुए के हमलों की घटनाएं रोजाना होने से सिंदेवाही तहसील के गांवों में दहशत का माहौल है. इसकी वजह से खरीफ की बुआई प्रभावित हो रही है. पहले ही किसानों को मजदूर नहीं मिल रहे हैं और अब हिंसक जानवर की दहशत की वजह से कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है.