अतिक्रमण से मुख्य चौराहे में लगता है जाम समस्या से जूझ रहा मुख्य बाजार

वरोरा: शहर का मुख्य बाजार और चौराहा जाम औरअतिक्रमण से घिरा हुआ है, जिसके कारण राहगिरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जाम की समस्या से निजात दिलाने में प्रशासकीय तंत्र फेल है. जाम और अतिक्रमण की समस्या पर जनप्रतिनिधी भी गंभीर नहीं है जिसके चलते यह समस्या बद से बदतर होती जा रही है.

वरोरा नगरपालिका डेढ सौ साल से भी अधिक वर्षों पुरानी है यहां के मुख्य बाजार पर लोगों का अवैध अस्थायी कब्जा निरंतर बढने से यह समस्या बढती ही जा रही है. वरोरा मुख्य बाजार में लोग कुड़ा कचरा कही पर भी डालकर स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी से मूंह मोड लेते है यही स्थिति गांधी चौक में है यहां रेडिमेट कपडा दुकानदार,चाय टपरी,पानटपरी,चायनीज के साथ ही कई दुकानदारो का अस्थायी अवैध कब्जा है.

जिसके कारण नगर पालिका के कचरा जमा करने वाले ट्रैक्टर को यहा घुमकर कचरा इकठ्ठा करने में दिक्कत का सामना करते हुए देखा है. गांधी चौक के कुछ दुकानदार बचा गंदगी भरा पानी खुला रोड पर डाल देते है जिससे लोगों को परेशानी होती है इससे भी बदतर हाल अनाज मार्केट का हैं वरघणे किराणा दुकान के बाजू में लोगों ने खुले में रोड पर प्रसाधनगृह और कुडादान बना रखा है इस गंदगी के बदबू से अनाज मार्केट के व्यापारी लोग परेशान है इस गंदगी से बीमारी फैलने का दर डर लगा हुआ है .

इसी तरह वरोरा के मुख्य चौराहे आंबेडकर चौक, डोंगरवार चौक,सराफा लाईन,नेहरू चौक, की कई फूट चौडी सड़कें अब छोटी हो गयी है अस्थायी अतिक्रमण और दुकानो की पार्किंग से आवाजाही वाहनो से रोज जाम की स्थिति बन जाती है इस को लेकर जब भी कोई वाहन चालक या पैदल राहगीर इनको हटाये जाने के लिये कहता है तो वे उनके साथ झगडने के लिये भी उतारू हो जाते है.

जिसके कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड रहा है प्रशासन की चुप्पी और अनदेखी से अतिक्रमण और गंदगी से लोग परेशान है लोगों की सुविधा का ध्यान में रखते हुवे प्रशासन इस अतिक्रमन और गंदगी को रोकथाम कर जनता को राहत प्रदान करे ऐसी जनता मांग कर रही है.