जहरीली गैस से मौत होने का अनुमान, गमगीन माहौल में 6 मृतकों को दफनाया

    दुर्गापुर. वार्ड क्र. 3 में रहने वाले ठेकेदार रमेश मारोती लश्करे के यहां हुई घटना में एकमात्र जीवित बची महिला के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है. समाचार लिखे जाने तक वह पूरी तरह होश में नहीं आई थी. वहीं गमगीन माहौल में सभी 6 मृतकों को दफनाया गया.

    अब तक जो जानकारी मिल रही है उससे यही अंदाज लगाया जा रहा है कि जनरेटर या एसी की जहरील गैस के रिसाव से ही यह हादसा हुआ है. लश्करे परिवार के 6 सदस्य रमेश मारोती लश्करे (45), अजय रमेश लश्करे (21), माधुरी अजय लश्करे (20), पूजा रमेश लश्करे (14), लखन रमेश लश्करे (10) और कृष्णा रमेश लश्करे (6) एक रूम में मृत पाए गए थे.

    महिला की हालत में सुधार

    इस घटना में एकमात्र जीवित बची महिला दासू रमेश लश्करे (40) का उपचार अस्पताल में शुरू है. उसकी हालत में काफी सुधार होने की जानकारी डाक्टरों ने दी. उसके शरीर में हरकत होकर उसने आंखें खोली, परंतु किसी को पहचान नहीं पा रही है. उसके पूरी तरह होश में आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी जानकारी मिल पाएगी. उसके परिवार के सदस्य इस बात से भी चिंता में है कि महिला को जब पता चलेगा कि उसके पति, नवविवाहित पुत्र, पुत्रवधू और बच्चा सभी को वह खो चुकी है, तो वह कैसे बर्दाश्त करेगी.

    बहू का ससुराल में था पहला दिन

    जिन लोगों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया था, उनका कहना है कि कमरे में जनरेटर का धुआं नजर आ रहा था. बहुत ही भयावह बदबू भी आ रही थी. मृतक अजय ने अपनी ही नागपुर जिले के कोराडी में रहने वाली बुआ की पुत्री माधुरी से विवाह किया था. दोनों बचपन से एक-दूसरे को पसंद करते थे. 28 जून को विवाह होने के बाद रिसेप्शन निपटने के बाद माधुरी मायके गई थी और ससुराल वापस आने पर उसका ससुराल में पहला ही दिन था. पति के साथ भावी जीवन की शुरुआत के पूर्व ही दोनों के जीवन का अंत को लेकर भी दोनों परिवारों में गहरा दुख है. माधुरी के परिजन भी यहां पहुंचे.

    मुनगंटीवार ने की जांच की मांग

    दुर्गापुर में हुई घटना में ठेकेदार रमेश लश्करे के परिवार के 6 लोगों की मौत की घटना की उच्चस्तरीय जांच करने तथा मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री निधि से वित्तीय सहायता प्रदान करने की मांग विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने की है.