पहले पैसे, फिर उपचार – निजी डाक्टरों के फरमान से लोगों में चिंता

चंद्रपुर. जिले में कोरोना विस्फोट के चलते सरकारी अस्पताल हाउसफुल है. निजी अस्पताल में कोविड सेंटर शुरू किए गए हैं. किंतु निजी अस्पताल में उपचार के पूर्व ही डेढ़ लाख रुपए का भुगतान करने की बात निजी डाक्टरों द्वारा करने से मरीजों व उनके रिश्तेदारों में चिंता का माहौल है. चंद्रपुर शहर समेत जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 4 दिन में लगभग 1,000 कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है. रोजाना बढ़ने वाले मरीजों के चलते अब जिला अस्पताल व क्वारन्टाइन सेंटर के कर्मचारियों पर काम का तनाव बढ़ रहा है. जिला अस्पताल की व्यवस्था भी चरमरा रही है. ऐसे में सरकारी अस्पतालों में डाक्टर्स की कमी को देखते हुए निजी डाक्टरों द्वारा अडियल रवैया अपनाने से लोग परेशान हो गए हैं.

केवल गंभीर मरीजों का उपचार

वैद्यकीय महाविद्यालय तथा जिला प्रशासन द्वारा घोषित किए गए निजी कोविड अस्पतालों में कोरोना मरीजों को जगह नहीं मिल पाने की चर्चा है. सरकारी अस्पतालों में भी जगह की कमी होने के कारण हल्के लक्षणों वाले मरीजों को घर पर ही उपचार दिया जा रहा है. केवल गंभीर मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है. लेकिन निजी अस्पतालों के प्रबंधन द्वारा किए जा रहे व्यवहार के कारण लोग काफी परेशान नजर आ रहे हैं.