कोविड काल में अनाथ हुए बच्चों पर ध्यान केन्द्रित करें: जिलाधिकारी

    • अनाज बच्चों को मिलेगा बाल संगोपन योजना का लाभ
    • 279 बच्चे हुए अनाथ, प्रतिमाह मिलेगे 1100 रुपये प्रत्येक को
    • 164  महिलाएं हुई विधवा

    चंद्रपुर. कोविड के कारण कई लोगों की मौत हुई है. जिन बच्चों ने अपने दोनों अभिभावकों को खो दिया ऐसे अनाथ बच्चों की जानकारी एकत्रित कर इन बच्चों पर अधिकाधिक ध्यान केन्द्रित करें ऐसे निर्देश जिलाधिकारी अजय गुल्हाने ने दिए. कोविड 19 मरीजों के पार्श्वभूमि पर बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण के लिए आयोजित कृति दल के बैठक में वे बोल रहे थे.

    इस समय जिलाधिकारी अजय गुल्हाने समेत अप्पर जिलाधिकारी विद्युत वरखेडकर, पुलिस उपअधीक्षक शेखर देशमुख, मनपा आयुक्त अशोक गराटे, बल्लारपुर के मुख्याधिकारी विजय सरनाईक, बालकल्याण समिति की अध्यक्षा एड. वर्षा जामदार, महिला एंव बालविकास अधिकारी रमेश टेटे, जिला बाल संरक्षण अधिकारी अजय साखरकर, उपशिक्षणाधिकारी माध्य पूनम मस्के उपस्थित थे.

    जिलाधिकारी गुलहाने ने कहा कि जिन बच्चों ने अपने मातापिता खोए है इन बच्चों की तहसीलस्तर पर जानकारी एकत्रित करें साथ ही इन अनाथ बच्चों संपत्ति की सुरक्षा के बारे में जिला विधि सेवा प्राधिकरण को जिम्मेदारी सौप गई है. इस संबंध में उचित कार्रवाई करें.जिले में अब तक कोविड के कारण 1533  व्यक्तियों की मौत हुई.

    इसमें अनेक अभिभावकों का समावेश है इसकी जानकरी एकत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से डेथलिस्ट एवं संपर्क क्रमांक लेकर उक्त मृत व्यक्ति की जानकारी कॉल सेंटर द्वारा कॉल कर प्राप्त करने के निर्देश दिए.कोविड के कारण एक अभिभावक एव दो अभिभावक खो चुके बच्चों के लिए योजना एवं लाभ की जानकारी कॉलसेंटर द्वारा कॉल करके दे.

    बच्चों को किस प्रकार बालसंगोपन का लाभ दिया जा सकता है इसकी जानकारी तहसीलस्तर पर देना आवश्यक है. जिले में 0  से 18 वर्ष के 279 बच्चों को बालसंगोपन  योजना का लाभ दिया जाएगा. उन्हें 1100 रुपये प्रति माह दिए जाने की जानकारी जिलाधिकारी गुलहाने ने दी.

    इसके अलावा चंद्रपुर जिले में कोविड के कारण विधवा हुई 164 महिलाओं को संजय गांधी निराधार योजना, इंदिरा गांधी विधवा निवृत्ति वेतन योजना एवं राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का लाभ देने के लिए संबंधित तहसील के तहसीलदारों को जानकारी दी गई है. अब तक 29 कोविड विधवा महिलाओं को लाभ दिया गया है.  इस समय जिलाधिकारी अजय गुल्हाने ने दोनों अभिभावक खो चुके बच्चों की संपत्ति की सुरक्षा संबंधित जानकारी हासिल की.