After the unlock, there was jam on the roads, barricading was also becoming the reason

    चंद्रपुर. लम्बे अरसे के बाद आखिरकार चंद्रपुर जिला पूरी तरह से अनलॉक हुआ. आज सोमवार को ना केवल मार्केट बाजार, बल्कि अन्य सभी सुविधाओं में चहलपहल नजर आयी. हालांकि अब भी उद्यान और धार्मिक स्थलों को पूरी तरह से नहीं खोला गया है. परंतु आज से जिस तरह से राहत मिली है उससे लोगों में खुशी देखने को मिल रही थी.

    जिला प्रशासन ने कोरोना के मामले में चंद्रपुर जिले को लेवल 1 पाने के बाद 7 जून से ही लॉकडाऊन में बढी रियायत दी थी. पहले केवल जरूरी और जीवनावश्यक दुकानें और सेवाएं ही सुबह 7 बजे से लेकर 11 बजे तक शुरू रखी जा रही थी. परंतु 7 जून से जिले में जरूरी और गैर जरूरी सभी दुकानें शुरू कर दी गई जिसका समय पहले दोपहर दो बजे तक रखा गया और फिर उसे बढाकर शाम 5 बजे तक कर दिया गया और आज सोमवार 21 जून से अब शाम 7 बजे तक दुकानें शुरू रखने की रियायत दी गई है.

    इससे सरकारी और गैर सरकारी सेवाओं में कार्यरत कर्मियों, मेहनत कश लोगों और निजी संस्थाओं, आस्थापनाओं में कार्यरत कर्मियों को काफी राहत मिली है. पहले सुबह से ही आफिस जाने की भागमभाग रहती थी परंतु आज से लोग सुबह 10 – 11बजे अपने घरों से डयूटी या काम के लिए निकले. इसी तरह से दुकानदारों को भी सीमित समय होने की वजह से सुबह में ही दुकानें शुरू करनी पड़ रही थी. आज अधिकांश दुकानें सुबह 7 के बजाय 10 शुरू हुई. 

    शहर के गोलबाजार, गंजवार्ड, दाताला मार्ग की सब्जी मंडी, बंगाली कैम्प के मार्केट, तुकूम के मार्केट एरिया में सुबह से ही सब्जी भाजी, फलों से लेकर अन्य दुकानें शुरू हो जाती थी जिससे सुबह में ही यहां काफी गहमागहमी नजर आती थी. शाम 5 बजे के बाद बंद कर दिए जाने की स्थिति होने से लोग काम से जाने से पूर्व ही खरीदी कर लिया करते थे. अब लोगों को सुकून मिला है इसके चलते आज शहर के गोल बाजार, गंजवार्ड समेत अन्य सभी जगहों पर सुबह की भीड़ का नजारा नहीं दिखा.

    इस समय सब्जी भाजी मार्केट, दुकानें, सरकारी एवं गैर सरकारी आफिसों, बस स्टैंड परिसर में लोगों की चहल पहल है. इनमें से कुछ कोरोना के खतरे को भांपते हुए मास्क पहनने से लेकर सभी तरह की सतर्कता बरत रहे है तो कुछ बेखौफ होकर बिना मास्क पहने भी घुमते और सोशल डिस्टसिंग का उल्लंघन करते हुए नजर आ रहे है. धार्मिक स्थलों को अब तक शुरू नहीं किया गया है. इसलिए धार्मिक स्थलों में भीड़ नहीं है. इसी तरह स्कूल और कालेज बंद है. यहां 28 जून के बाद विद्यार्थियों की भीड़ दिखाई देगी. सिनेमागृह भी पूरी तरह से बंद है. साथ ही उद्यानों और पर्यटन स्थलों में इस समय पाबंदी लगाई गई है. इसलिए इन स्थानों पर लोग नजर नहीं आ रहे है. सड़कों पर वाहनों से आवागमन पूर्व की तरह जारी है. 

    ताडोबा अब भी बंद ही

    कोरोना के चलते महाराष्ट्र सरकार द्वारा ब्रेक द चेन के तहत लगाए गए निर्बन्धों के कारण 15 अप्रैल से बंद है ताडोबा, इस संदर्भ में 13 अप्रैल को टीएटीआर के क्षेत्रीय निदेशक जितेंद्र रामगावकर ने आदेश जारी किए थे, आदेश के तहत 30 अप्रैल तक बंद के आदेश, 29 अप्रैल को पुनः नया आदेश 17 मई तक बंद का, 12 मई को पुनः नया आदेश 01 जून तक, 30 मई को आखरी आदेश 15 जून तक बंद का, 15 जून बीत गया, नया आदेश जारी नहीं फिर भी ताडोबा बंद ही है, 1 जुलाई से वैसे भी प्रतिवर्ष ताडोबा 3 माह के लिए बंद रखा जाता है,बुकिंग फुल थी, पैसे ऑनलाइन लौटाए गए .