कलेक्टर, मनपा आयुक्त को हाईकोर्ट का समन्स, कोरोना काल में उदासीनता का मामला

  • पूर्व सांसद पुगलिया ने दायर की है याचिका

चंद्रपुर: चंद्रपुर शहर और जिले में कोरोनाकाल के समय महानगर पालिका और जिला प्रशासन द्वारा बरती गई उदासीनता को देखते हुए पूर्व सांसद नरेश पुगलिया और अन्य ने मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में जनहित याचिका दायर की है. हाईकोर्ट ने इस मामले में जिलाधिकारी और मनपा आयुक्त को समन्स भेजा है. दोनों अधिकारियों को 21 दिसंबर को खंडपीठ के समक्ष उपस्थित रहेंकर अपना जवाब देना है.

हाईकोर्ट ने याचिकाओं पर संज्ञान लेते हुए चंद्रपुर शहर एवं जिले के कोरोना मरीजों को पेश आ रही विभिन्न समस्याओं के संदर्भ में जिला प्रशासन और मनपा प्रशासन से जवाब मांगा था परंतु दोनों ही विभागों ने जवाब देने में भी उदासीनता बरती जिसके चलते जिलाधिकारी एवं महानगर पालिका आयुक्त को मुंबई उच्च न्यायालय के नागपुर खंडपीठ ने बुधवार को समन्स जारी किया है. दोनों अधिकारियों को 21 दिसंबर को जवाब के साथ खंडपीठ के समक्ष प्रत्यक्ष पेश होना है.

पूर्व सांसद नरेश पुगलिया और अन्य द्वारा दायर की गई याचिका पर न्यायाधीश सुनील शुक्रे, अविनाश घरोटे की खंडपीठ में सुनवाई हो रही है.दोनों अधिकारियों को 7 अक्टूबर को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब देने को कहा गया था. परंतु दोनों अधिकारियों ने अब तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया.जिसके चलते न्यायालय को सख्त कदम उठाना पड़ा है. 

याचिका में कहा गया है कि चंद्रपुर में जीवनावश्यक औषधियां पर्याप्त प्रमाण में उपलब्ध नहीं होने की वजह से कोरोना मरीजों की मृत्यु का प्रमाण बढा है. इसके अलावा कोरोना मरीजों के लिए अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में बेड उपलब्ध नहीं है. विलगीकरण किए गए मरीजों की ओर प्रशासन को कोई ध्यान नहीं है, उन्हें दवाईयां, भोजन एवं अन्य सुविधा नहीं मिल पा रही है. कोरोना अस्पताल घोषित निजी अस्पतालों में भी चिकित्सक, कर्मचारी आवश्यक संख्या में उपलब्ध नहीं है. याचिकाकर्ताओं की ओर से एड. श्रीरंग भांडारकर और एड. सौरभ भेंडे पैरवी कर रहे है.