Institutional quarantine does not want to happen after coming from Red zone, student-parents have increased headache

  • 81,930 लोग बाहर से आए
  • 855 हुए इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन

चंद्रपुर. जिले में लाख कोशिशों के बावजूद कोरोना का असर कम होता नजर नहीं आ रहा है. पिछले 4-5 दिनों में तो इसमें काफी तेजी आई है. कोरोना संक्रमण काल से अब तक जिले में 81 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई हैं. जानकारी के अनुसार इनमें से 71 लोग बाहर से आए हुए हैं. होम क्वारंटाइन लोगों ने सर्वाधिक रूप से कोरोना को बढ़ाने में सहायता प्रदान की है. प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक बाहर से 81,930 लोगों का आगमन हुआ. लेकिन इनमें से केवल 855 लोगों को ही इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन किया गया.

2 मई तक नहीं था कोई मरीज
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 22 मार्च से लॉकडाउन किया गया था. उसके बाद से लेकर 2 मई तक जिला पूरी तरह से कोरोना मुक्त था. जिले को ग्रीन जोन में शामिल किए जाने के पूरे संकेत मिल रहे थे, लेकिन 2 मई को जिले में पहला कोरोना बाधित पाया गया. जिसकी ट्रैवल्स हिस्ट्री कुछ भी नहीं थी. इंदिरानगर निवासी इस व्यक्ति के कोरोना बाधित पाए जाने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया. संबंधित व्यक्ति अब पूरी तरह से कोरोनामुक्त हो चुका है, परंतु आज तक शोध का विषय है कि उसे आखिर कोरोना का संक्रमण हुआ तो कैसे हुआ. इसके बाद 13 मई को दूसरा पाजिटिव पाया गया, जो बाहर से आया हुआ था.

20 मई को एक साथ 10 लोग पाजिटिव पाए गए. 23 मई को 7, 24 मई को एक, 25 मई को एक, 31 मई को एक, 2 जून को एक, 4 जून को 2, 5 जून को एक, 6 जून को एक, 7 जून को 11, 9 जून को 3, 10 जून को एक, 13 जून को एक, 14 जून को 3, 15 जून को 1, 16 जून को 5, 17 जून को एक, 18 जून को एक, 21 जून को एक, 22 जून को एक, 23 जून को 4, 24 जून को एक, 25 जून को 10 लोग कोरोना बाधित पाए गए. इन सभी की ट्रैवल हिस्ट्री साबित कर रही थी कि यह सभी बाहर से ही कोरोना लेकर आए.

राजनीतिक नेताओं ने भी की सिफारिश
प्रशासन के पास पर्याप्त जगह की व्यवस्था नहीं होने के कारण बाहर से आए अधिकांश लोगों को होम क्वारंटाइन किया गया. बताया जाता है कि बाहर से आए व्यक्ति के परिजन भी प्रशासन पर दबाव डालते थे. फिर राजनीतिक नेताओं की सिफारिश अलग. इसके दुष्परिणाम अब सामने आ रहे हैं. अधिकांश कोरोना बाधित ऐसे हैं, जिन्हों ने अपने साथ अपने परिवार के लोगों को भी कोरोना की सौगात दे दी. चंद्रपुर में एक ही परिवार के 4 लोग कोरोना बाधित पाए गए. वरोरा में 2 बहने, पति-पत्नी कोरोना बाधित हुए. घरों में रहते हुए रिपोर्ट आने तक संबंधित अपने आप को कोरोनामुक्त ही मानकर चलता है. ऐसे में उसका घर के अन्य सदस्यों के साथ उठना-बैठना, भोजन करना आदि होता है. यही कारण है कि संक्रमण बढ़ता है.

अधिकारियों व पालकमंत्री ने दिए थे निर्देश
30 मई को विभागीय आयुक्त संजीव कुमार, 24 मई को जिलाधिकारी डा. कुणाल खेमनार तथा पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने बाहर से आने वालों को इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन करने के सख्त निर्देश दिए थे. किंतु इनका पालन होते हुए नहीं दिखा. लॉकडाउन में शिथिलता के बाद प्रशासन ही बड़े पैमाने पर बाहर से आए लोगों को होम क्वारंटाइन करता हुआ नजर आ रहा है. जिसके नतीजे अब सामने आने लगे है. होम क्वारंटाइन न केवल अपने परिवार के लिए खतरा बन रहे हैं, बल्कि आसपास के लोगों को भी कोरोना की चपेट में लेते हुए नजर आ रहे है.