Inconvenience due to lack of water facility in Mokshadham costing 2.50 crores

हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार के समय पर पानी की आवश्यकता होती है।

  • बाल्टी अथवा गुंडी में भरकर उमा नदी से लाना पड़ता पानी

मूल. हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार के समय पर पानी की आवश्यकता होती है। मिट्टी के छोटे घडे में पानी भरकर पार्थीव के चारों ओर परिक्रमा के पश्चात ही पुत्र चिता को मुखाग्नी देता है। किंतु उमा नदी किनारे 2.50 करेाड रुपये की लागत से तैयार मोक्षधाम में पानी की व्यवस्था न होने से अंतिम संस्कार को आने वालों को बाल्टी अथवा गुंडी से उमा नदी से पानी भरकर लाना पडता है। इससे उन्हे भारी परेशानी का सामना करना पडता है।

इंसान के जीवन में अनेक उतार-चढाव, सुख-दुख: आते है। मनुष्य का जीवन नश्वार होता है इसलिए एक न दिन मृत्यु अटल है। मृत्यु के पश्चात पार्थीव का अंतिम संस्कार किया जाता है। अंतिम संस्कार के लिए मूल नगर परिषद ने नागपुर महामार्ग के उमा नदी किनारे 2.50 करोड़ रुपये की लागत से प्रशस्त और सुंदर मोक्षधाम का निर्माण किया। शहर के नागरिक इसके पूर्व नदी किनारे अंतिम संस्कार करते थे। किंतु ग्रीष्मकाल के दिनों में चिलचिलाती धूप और नदी किनारे की तपती बालू की वजह से उन्हे भारी परेशानी उठानी पडती। इससे बचने के लिए नागरिक नदी किनारे अंतिम संस्कार निबटाते थे।

 इस समस्या को देखते हुए विधायक सुधीर मुनगंटीवार के प्रयासों से नगर परिषद ने उमा नदी किनारे प्रशस्त और सुविधायुक्त मोक्षधाम का निर्माण किया। घने पेडों की छांव, ठहरने की व्यवस्था और  सजावट से आकर्षक दिखने वाले मोक्षधाम से नागरिकों के अंतिम संस्कार की परेशानी दूर हो गई। यह सत्य है किंतु यहां अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक पानी की सुविधा न होने से नागरिकों को समस्या का सामना करना पडता है। पार्थीव पर अंतिम संस्कार के समय और अंतिम संस्कार के पश्चात विधि पूर्ण करने के लिए पानी की अत्यंत आवश्यकता होती है। किंतु यहां पानी की सुविधा नहीं है।

मोक्षधाम में पानी की व्यवस्था उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नगर परिषद ने स्वीकार की थी। इसलिए निर्माण कार्य विभाग की ओर से मोक्षधाम निर्माण के समय पर पानी व्यवस्था का समावेश नहीं किया गया। मोक्षधाम में पानी की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी नगर परिषद की होने के बावजूद इस ओर अनदेखी की जा रही है।  इसलिए 2.50 करोड़ की लागत से तैयार मोक्षधाम में आज भी असुविधा हो रही है।