केवल 10 मिनट में सिमट गयी मनपा की आमसभा

  • आनलाईन सभा छायी विवादों के घेरे में
  • पार्षदों का साऊंड म्युट करने के प्रकार से मचा बवाल

चंद्रपुर. महाराष्ट्र शासन नगर विकास विभाग के उपसचिव के निर्देश पर शुक्रवार को पहली बार आनलाईन तरिके से मनपा की आमसभा ली गयी. आनलाईन सभा में सवाल पुछनेवाले विपक्ष सदस्यों के आवाज म्युट करना, लिंक फेल करना, संबंधित पार्षद के नंबर ब्लाक करने से सभा विवादों में घिर गयी. कुछ पार्षदों ने कोरम की पुर्तता पर सवाल उठाए. आनलाईन सभा में लाकडाऊन के दौरान डब्बा वितरण में हुआ भ्रष्टाचार, अधिक दामों में मास्क व सैनिटायजर की आपुर्ती करना तथा गुंठेवारी के मुद्दों पर सत्ताधारीयों ने टालमटोल कर केवल 10 मीनट में यह सभा सिमट गयी.   

कोरोना के चलते राज्य के नगर विकास विभाग ने प्रत्यक्ष रूप से सभा लेने के बजाय आनलाईन सभा लेने के निर्देश विभाग ने दिए थे. निर्देश के आधार पर शुक्रवार को मनपा के राणी हिराई सभागार में आमसभा आयोजित की गयी. मनपा पार्षदों को भेजे गए अजेंडा में पिछली सर्वसाधारण सभा, स्थायि समिति की सभा व विशेष स्थायि समिति की सभा के कार्य समेत महापौर की अनुमती से पेश होनेवाले विषयों पर चर्चा होनी थी. इस संदर्भ में पार्षदों ने घर बैठे मोबाईल, लैपटॉप, काम्प्युटर से लिंक जोडकर सभा में सहभागी होने की सुचना पहले ही दी गयी थी. जिसके अनुसार अधिक्तर पार्षद आनलाईन के माध्यम से सभा में सहभागी हुए थे.  

परंतु सभा के दौरान विपक्ष के पार्षदों द्वारा उठाए जानेवाले सवालों को अनुचित ठहराते हुए संबंधित पार्षदों के आवाज को जानबुझकर बंद कर दिया जाता था. जिससे असल में सभागार में क्या चल रहा है इससे संबंधित पार्षद अनभिज्ञ थे. विपक्ष सदस्यों द्वारा लाकडाऊन के दौरान डब्बा वितरण में हुए भ्रष्टाचार का विषय चर्चा में होने के बावजुद अब नए से निर्धारित दरों से मास्क व सैनिटायजर खरेदी ना करते हुए बढते दाम में यह वस्तुए खरेदी कर आर्थिक लाभ उठाये जाने का आरोप पार्षद पप्पु देशमुख ने किया है. पार्षद लोढीया ने गुंठेवारी का सवाल उठाया परंतु आवाज बंद करने से तथा व्हिडीओं आफ करके रखने से विपक्ष पार्षदों के आवाज को दबाने का प्रयास मनपा की आनलाईन आमसभा में किए जाने का आरोप पार्षदों ने किया है. 

सत्ताधारी पार्षदों का आक्षेप 
मनपा की आनलाईन सभा में सत्ताधारी पार्षदों ने हमे बोलने का अवसर मिलेगा क्या? ऐसा सवाल उपस्थित किया. बोलने की अनुमती नही होने पर व्हर्चूअल मिटींग बंद किए जाने, व्हर्चूअल मिटींग अर्थात लोकतंत्र का मजाक नही है क्या ऐसा सवाल उपस्थित कर नाराजगी व्यक्त की गयी. 

मनपा को भ्रष्टाचार का कोरोना : देशमुख
स्थानीय मनपा द्वारा आज ली गयी ऑनलाइन सभा मे पार्षद पप्पू देशमुख ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ सर्वत्र कोरोना का संकट गहराता जा रहा है वहीं दूसरी ओर मनपा में भ्रष्टाचार का संक्रमण बढ़ रहा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि, मास्क की खरीदी हो, लंच बॉक्स के वितरण हो या क्वारंटाइन सेंटर में भोजन का वितरण करना हो, हर काम में मनपा पदाधिकारियों ने भ्रष्टाचार की कोई कसर नहीं छोड़ी है. इस समूचे मामले की विस्तृत जांच करने की मांग उन्होंने सभागृह में रखी.

उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव हेतु ट्रिपल लेयर मास्क की कीमत को 8 रुपये से अधिक ना रखने केंद्र सरकार के दिशानिर्देश थे इसके बावजूद मनपा ने 11.50 रुपये दर से एक लाख मास्क खरीदी किये और उसका लोगों में वितरण किया. यह कृत्य इसेंशियल कमोडिटी एक्ट, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट तथा वेट एंड मेजरमेंट एक्ट के अनुसार अपराध की श्रेणी में आता है.

इन्होंने कहा कि क्वारंटाइन सेंटर में भोजन वितरण के मामले में भी मनपा ने ऐसा ही किया, सेंटर में पहले जो कैटरर्स 115 रुपये प्लेट दर से भोजन दे रहा था उसे बिना किसी शिकायत के निकाल बाहर किया गया और वही काम 125 रुपये प्लेट के अत्यधिक रेट से अन्य कैटरर्स को दिया गया.

उन्होंने आरोप लगाया की, कैटरर्स बदलने का यह काम मनपा के ही एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नागपुर स्थित अपने एक रिश्तेदार को काम दिलनेके लिये ही किया.

,उन्होंने कहा कि, कोरोना संकट के समय मनपा ने 5.68 लाख लोगों के नाम पर भोजन वितरण का काम दिखाया जबकि हकीकत यह है कि, मनपा पार्षदों ने महज तीन लाख लोगों को ही भोजन वितरण किया और वह भी अपनी अपनी मर्जी के लोगों को वह भोजन पहुंचाया गया.